कार में जिन्दा जलाये गए हत्याकांड मामले में, पुलिस को ढूंढ़ना होगा कई सवालों का जबाब

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गोरखपुर (ब्यूरो)- कार मे सर्राफा नितिन अग्रवाल को जिंदा जलाने की घटना पुलिस के लिए कठिन चुनौती बन गई है|इस मामले का राजफांश करने के लिए उसे कई सवालो का जबाब ढूंढना है|

दोस्त की कार लेकर निकले थे-
जिस कार मे जलने से नितिन की मौत हुई वह उनके दोस्त मिर्जापुर मोहल्ले के निवासी बिष्णु कुमार अग्रहरि की है रविवार की सुबह नितिन घर से अपनी एक्टिवा लेकर निकले थे जिसे बिष्णु के घर खड़ी करने के बाद तगादा मे जाने की बात कहकर उनकी कार ले गये थे|

मौके पर एेसे मिले हालत-
नितिन का हाथ-पैर पतले तार से बंधा था,उनका सिर ड्राइविंग सीट के बगल वाली सीट पर था,सीट बेल्ट लगाने के बाद भी पैर स्टेरिंग की ओर था,स्टेरिंग की ओर का अधिकांश हिस्सा जला हुआ था|

घटना को लेकर खड़े हुए सवाल-
प्रत्यशदर्शियों ने जिनको भागते हुए देखा वे कौन लोग थे,यदि यह दुर्घटना थी तो आग लगने के बाद नितिन ने बचने का प्रयास क्यों नही किया,क्या हत्या करके शव को कार से लाया गया और टोल प्लाजा के पास आग लगाई गई,पानी की बोतल मे पेट्रोल किसने ऐर क्यो खरीदा आग लगने के बाद भी बोतल मे पेट्रोल कैसे बच गया|

फोन न उठने पर सर्विलांस सेल पहुंच गये घरवाले-
रविवार को दोपहर १२ बजे के करीब नितिन के मोबाइल पर परिवार के लोगो ने संपर्क किया कई बार काल करने के बाद भी उत्तर न मिलने पर परिजन किसी अनहोनी की आशंका से भयभीत हो गये दोपहर एक बजे तक परिवार के लोग सर्विलांस सेल पहुंचे थे उन्होने नितिन का लोकेशन बताने का आग्रह किया था कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हे घटना की जानकारी दी|

आग बुझाने वाले कर्मचारियों ने भी जताया हत्या का संदेह-
कार मे आग लगने की सूतना मिलने की सूचना मिलने के बाद सबसे पहले फायर बिग्रेड के साथ टोल प्लाजा के कर्मचारी सुनील पांडेय,राहुल,महताब और श्यामबिहारी पहुंचे उस समय कार से आग की तेज लपट निकल रही आग बुझाने के दौरान कार के अन्दर किसी के चीखने-चिल्लाने की आवाज नही सुनाई पड़ी|
रिपोर्ट-जयप्रकाश यादव

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