कोतवल की दादागिरी के सामने बौना हुआ उपजिलाधिकारी का क़द

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पुरवा/उन्नाव(ब्यूरो)- कोतवाली पुलिस के आगे एस0डी0एम0 का आदेश कोई मायने नही रखता कोतवाल के आगे बौना साबित हो रहा है उपजिलाधिकारी का आदेश कोतवाली क्षेत्र के गांवो में बेटी बचाव बेटी पढ़ाव के नाम पर हो रही ठगी व धोखा-धड़ी की जांच तहसील प्रशासन के द्वारा की गयी नायब तहसीलदार व लेखपालों की टीम ने धोखा-धड़ी व ठगहाई करने का मामला सही पाया तथा जांच रिपोर्ट उपजिलाधिकारी के समक्ष रखी गयी जिसमें एस0डी0एम0 ने एक सप्ताह पूर्व ठगी करने वालो के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत करने का आदेश कोतवाली भेजा था जिस पर कोतवाली ने अब तक कोई कार्यवाही नही की जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी है।

प्राप्त विवरण के अनुसार मामला कोतवाली क्षेत्र की ग्राम सभा मिर्रीकलां के मजरे रैकड़ व महानरायनखेड़ा का है जहां एक व्यक्ति अपने आपको मौलवी बताता है। मजेदार बात तो यह है कि वह व्यक्ति कई वर्षों से रह रहा है और पूरी ग्राम सभा के लोग चाहे वह ग्राम प्रधान ही क्यों न हो किसी को यह नही मालूम कि यह व्यक्ति कहा का मूल निवासी है। हाल ही में उस व्यक्ति ने किसी अपने एक साथी को बुलाया और गांव की गरीब, मिस्कीन, बेटियों को अपने झांसे में लेकर बेटी बचाव, बेटी पढ़ाव का फार्म भरवाना शुरू कर दिया और यह भी बताया कि फार्म भरने के कुछ दिन बाद ही प्रत्येक लड़की को दो-दो लाख रूप्या मिलेगा ऐसा झांसा देकर पांच सौ रूपया की ठगी की यह बात जब हमारे तहसील संववादाता को मालूम हुयी तो हमारे संववादाता मो0 अहमद चुनई ने बेटी बचाव बेटी पढ़ाव का फार्म तलाश किया।

आवेदन फार्म पर 243/2 आवहान चैम्बर सन्त नगर इस्ट आॅफ कैलास नई दिल्ली लिखा हुआ था तथा आवेदन फार्म पर एक हेल्प लाइन नं0 यह ‪09411854078‬ लिखा हुआ है जब इस नम्बर पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो उक्त नम्बर बन्द पाया गया क्या है इसका रहस्य नेट पर कोई इसकी वेबसाइड नही पायी गयी।

उक्त मामले की जानकारी एस0डी0एम0 राजमुनि यादव से ली गयी की क्या सरकार के द्वारा ऐसी कोई योजना चल रही है उन्होंने जवाब में कहाकि मेरी जानकारी में ऐसी कोई योजना हमारी तहसील द्वारा नही चल रही है जिस पर 2 मार्च 017 को एक खबर प्रकाशित की गयी खबर पढ़ते ही तहसील प्रशासन हरकत में आया और नायब तहसीलदार विचित्र नरायन श्रीवास्तव के साथ एक लेखपालों की टीम को जांच सौप दी गयी जांच में मामला धोखाधड़ी और ठगी का पाया गया क्योंकि ऐसा करने वाला व्यक्ति कभी अपना नाम, रहमत, तो कभी सरीफुल कादरी, तो कभी कमालुद्दीन तो कभी बुद्धू बताता है और उस व्यक्ति ने आज तक यह नही बताया कि वह उसका साथी कौन है कहा का रहने वाला है।

अब सवाल यह उठता है कि क्या इसका नाम वाकई बुद्धू है या यह पुलिस के अलावा अन्य लोगो को बुद्धू बनाने की कोशिश कर रहा है और सबसे बड़ा सवाल यह भी खड़ा होता है कि आख़िर उपजिलाधिकारी के आदेश के बावजूद भी आखिर पुलिस कार्यवाही करने से क्यों पीछे हट रही है?

रिपोर्ट- मोहम्मद अहमद (चुनई)
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