सिपाही ने डाक्टरों को धमकाया, अस्पताल में हंगामा।

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प्रतीकात्मक

सुलतानपुर : सिपाही पर भी गहरी विपत्ति थी। वो मरणासन्न महिला को लेकर रविवार की रात साढ़े दस बजे अस्पताल पहुंचा था। मगर डाक्टर ने नब्ज पकड़ी तो उसे सांस चलती न मिली। फिर उसने मृत घोषित कर भर्ती करने से मना कर दिया। यही बात खाकी वाले को नागवार लगी। वो भर्ती कराने की जिद पर अड़ा और डाक्टर शव को भर्ती करने की व्यवस्था न होने की बात कहता रहा। पुलिस लाइन से और सिपाहियों को उसके साथी ने अस्पताल में ही बुला लिया। इधर, चिकित्सक भी इकट्ठा हुए। हंगामा खूब हुआ।

 

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार की रात करीब साढ़े दस बजे पुलिस लाइन से सर्वजीत विश्वकर्मा सिपाही निर्मला (50) को अचेतावस्था में लेकर अस्पताल पहुंचा। इमरजेंसी के डाक्टर इंद्रसेन गौतम ने जब जांच-पड़ताल की तो सांस चलती नहीं मिली। उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया। फिर भी विश्वकर्मा भर्ती कराने पर अड़ गए। खींचतान होती रही। इधर, सिपाही ने डाक्टर से मृत्यु प्रमाणपत्र की मांग कर दी। चिकित्सक ने भी नियम-कानून का हवाला देते हुए असमर्थता जता दी। बात का बतंगड़ बढ़ता गया। सिपाही ने अपने साथियों को बुला लिया। स्वास्थय विभाग का भी स्टाफ इकट्ठा हो गया। चिकित्सकों की मानें तो आखिरकार वे डर और दहशत में महिला को भर्ती को किए और मृत्यु प्रमाणपत्र भी बनाकर दे दिया। इस बात का जिक्र पुलिस को भेजे गए मेमो में किया गया है। सोमवार को प्रकरण की शिकायत करने के लिए चिकित्सकों ने पुलिस अधीक्षक से मिलने का समय मांगा। इधर, डीआइजी के दौरे के चक्कर में एसपी से मुलाकात नहीं हुई। देरशाम प्रकरण की शिकायत राजधानी के उच्चाधिकारियों से की गई है। प्रकरण में सीएमएस डा.जलालुद्दीन का कहना है कि पूरे मामले से डीएम और एसपी को अवगत करा दिया गया है। उधर, अपर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार ने कहाकि वे प्रकरण को अपने स्तर से दिखवाएंगे।

रिपोर्ट – दीपक मिश्र

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