खनन में मौतों के लिए राजनैतिक माफिया जिम्मेदार -अजीत यादव

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प्रतीकात्मक
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ओबरा/सोनभद्र (ब्यूरो)- खनन में लगातार जारी मौतों के लिए राजनैतिक माफिया जिम्मेदार हैं। ओबरा क्षेत्र में वीआईपी लूट के राजनैतिक माफिया अवैध खनन कर लोगों की जिन्दगी को दांव पर लगाकर भारी लूट को अंजाम दे रहे हैं ।
उक्त बातें स्वराज अभियान के जयकिसान आन्दोलन के राष्ट्रीय सहसंयोजक अजीत सिंह यादव ने आज जारी बयान में कहीं। उन्होंने कहा कि स्वराज अभियान व आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) वीआईपी लूट के इन राजनैतिक माफियाओं को सजा दिलाने के लिए अभियान तेज करेंगे। उन्होंने बताया कि हमारी पहल पर ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खनन की सी.बी.आई. जांच का आदेश दिया | प्रदेश की अखिलेश सरकार खनन की सी.बी.आई.जांच को रूकवाने सुप्रीम कोर्ट गई तो स्वराज अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत भूषण की पैरवी पर ही सुप्रीम कोर्ट खनन की सी.बी.आई .जांच करवा रहा है|
इससे पहले आज स्वराज अभियान, स्वराज इंडिया व आइपीएफ के नेताओं ने बिल्ली खनन क्षेत्र का दौरा किया और खनन मजदूरों से मंगलवार को हुई एक खनन मजदूर की मौत के मामले की जानकारी ली। जिसमें स्वराज अभियान के जयकिसान आन्दोलन के राष्ट्रीय सहसंयोजक अजीत सिंह यादव, स्वराज इंडिया के राहुल कुमार, अंजनी पटेल, शाहिद अली, विनोद यादव, दिलीप गोंड, संतोष कुमार आदि नेता शामिल थे।

जांच रिपोर्ट जारी करते हुए स्वराज अभियान, स्वराज इंडिया व आइपीएफ के नेताओं ने बताया कि मंगलवार को एक दुर्घटना में मजदूर शिव पासवान पुत्र समरथ (30 वर्ष) निवासी करईल कोन की मौत खनन करते समय हो गई। यह दुर्घटना बिल्ली पत्थर खनन क्षेत्र के आराजी संख्या 2751 की प्रतिबंधित खदान में हुई। इसी खदान को खान सुरक्षा निदेशालय ने खतरनाक घोषित करते हुए धारा 22 के तहत उसमें पत्थर खनन व परिवहन पर रोक लगा दी थी।
केवल सुरक्षात्मक कार्य करने की खदान स्वामी को छूट दी थी जिसका फायदा उठाते हुए खदान स्वामी ने सुरक्षात्मक कार्य करने के बजाय पत्थरों के खनन व परिवहन का कार्य शुरू कर दिया। जिसके परिणाम स्वरूप एक मजदूर को अपनी जान से हाथ धोना पडा। पहले भी यहां 27 फरवरी 2012 को खनन के समय पहाडी धंसने से नौ मजदूरों की मौत हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि यहां माइनिगं प्लान के बिना ही अवैध खनन कर श्रमिकों की जान के साथ खिलबाड किया जा रहा है और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाकर आम लोगों के जीवन को भी खतरे में डाला जा रहा है। यहां माफियाओं, नौकरशाहों व पूंजी घरानों के नापाक गठजोड़ ने सभी प्राकृतिक-आर्थिक संसाधनों पर कब्जा जमा लिया है और वीआईपी लूट के कल्चर को जन्म दिया है। यहां जंगल, पहाड़, नदी सब को लूट लिया गया, पर्यावरण को भारी क्षति पहुंची, दूषित हवा व जहरीले पानी से बड़े पैमाने पर मौते हुई है। खनन में भी मजदूरों की मौतों का सिलसिला जारी है। किसानों का बुरा हाल है, फैक्टरियों में यहां के नौजवानों को काम नहीं है, आम जनता लुट रही है और राजनैतिक माफिया मालामाल हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि स्वराज अभियान पूरे देश में इस राजनैतिक माफिया तंत्र के खिलाफ मजबूती से लड़ रहा है।

आपको यह भी बता देते है कि, उन्होंने कहा कि स्वराज अभियान व आइपीएफ सी0बी0आई0जांच टीम को अवैध खनन के सबूत सौंपेगा। उन्होंने प्रतिबंधित खदान में खनन पर हुई मजदूर की मौत के लिए खदान स्वामी समेत जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है व मृतक के परिजनों को बीस लाख रूपये मुआवजा देने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि स्वराज अभियान ने ओबरा क्षेत्र को राजनैतिक माफियाओं की वीआईपी लूट के खिलाफ जनता की राजनीति का माडल बनाने के लिए मजदूर बाहुल्य ओबरा विधान सभा से आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) प्रत्याशी हिण्डालको मजदूर कृपाशंकर पनिका को समर्थन दिया है।

रिपोर्ट-सर्वेश कुमार

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