केंद्र सरकार की उपेक्षा का शिकार पावर लूम के गरीब लेबर

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प्रतापगढ़ (ब्यूरो)- एशिया की सबसे बड़ी पावरलूम नगरी भिवंडी जिला थाणे महाराष्ट्र मे भारी संख्या मे पावरलूम मजदूर रहते है देश विभिन्न राज्य से आए इन्ही मजदूर की कमरतोड़ मेहनत की बदौलत भिवंडी का पावरलूम उद्योग दुनिया मे मशहूर है लेकिन यहा के पावरलूम मजदूर केन्द्र और राज्य सरकारी की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओ के साथ साथ बुनियादी सुविधाओ से भी वंचित है दिन रात दो शिफ्ट मे ड्यूटी करने वाले यह मजदूर एक शिफ्ट मे बारह घंटे ड्यूटी करते है पावरलूम कारखाने मे शौचालय और पीने का स्वच्छ पानी भी उपलब्ध नही रहता है बोनस, फंड, इएसआई तो दूर की बात है |

माल खराब होने पर मजदूरी मे से पैसा काट लिया जाता है पिछले तीन दशक से इनकी मजदूरी मे कुछ खास इजाफा नही हुआ है बल्कि तीन दशक पूर्व चार पावरलूम मशीन चलाने वाले मजदूर अब दस से बारह मशीन चला रहे है मशीन बढ़ाने से अधिक पगार मिल रही है /लम्बे समय तक पावरलूम कारखाने मे काम करने वाले अधिकांश मजदूर टी बीच और दमा जैसी बीमारी का शिकार हो जाते है तमाम बुनियादी सुविधाओ से दूर पावरलूम मजदूर कारखाना मालिक की उपेक्षा के शिकार तो है ही सरकार भी इनकी उपेक्षा कर रही है आप अपने सम्मानित अखबार मे मजदूरो इस तीन दशक पुरानी समस्या को जगह देकर सहयोग करने की कृपा करे ।

रिपोर्ट – अवनीश कुमार मिश्रा

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