गरीब विधवा महिला सरकारी सहायता की आस में दर दर भटकने को मजबूर

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रायबरेली (ब्यूरो) कहने को सभी क्षेत्रीय पार्टियों से लेकर राष्ट्रीय पार्टियाँ समाज के गरीब शोषित व असहाय तबके की हर सम्भव मदद की बात करती हैं लेकिन ये बाते चुनावी और निराधार ही कही जायेगी क्यों कि समाज का एक गरीब व असहाय तबका ऐसा भी है जो आज भी उसकी सहायता के लिये बनी हर सरकारी मदद से महरूम हैं |

उदाहरण के तौर पर ब्रज नगर सुरसना ग्राम निवासिनी रेशमा देवी पत्नी स्वर्गीय फूलचंद्र एक गरीब व असहाय विधवा महिला है । जिसके सर से पति का असमय ही साया उठ गया । वहीं आज पति के मौत के बाद उसका व उसकी 4 पुत्रियों के गुजर बसर का कोई सहारा भी नहीं है, वहीं उसका कच्चा मकान बारिश में चू भी रहा है कब भरभरा कर गिर जाये उसका कोई भरोसा नहीं है । लिहाजा आज यह विधवा महिला अपने परिवार को दो जून के निवाले व परिवार को बारिश में सर छिपाने के लिये एक आवास की आस में हर अधिकारी की चौखट पर अपनी फरियाद को लेकर पहुँच चुकी है लेकिन अफसोस कि आज के समय में उसकी सुनने वाला कोई नही है । वहीं विधवा काफी गरीब व मजबूर है और उसकी माली हालत बिल्कुल खराब है, उसके पति की 5 वर्षों पूर्व मृत्यु हो चुकी है वही उसकी चार पुत्रियां और वह आज भुखमरी के कगार पर है । घर में जीविका चलाने वाला कोई नहीं है । वही कच्चे मकान में वह कई वर्षों से किसी प्रकार से अपने परिवार के साथ गुजर बसर करती आ रही है । उसकी माली हालत इतनी खराब है कि 2 जून की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो रहा है । वही शासन-प्रशासन उसकी इस हालत को देखते हुए भी उसकी किसी भी प्रकार की सहायता करने में बिल्कुल नाकाम साबित हुआ है ।

रिपोर्ट – एस. बी. मौर्या

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