पूरे जोधा गांव की प्रधानी निरस्त, फर्जी निकला जाति प्रमाणपत्र

लालगंज/प्रतापगढ़(ब्यूरो)- पंचायत चुनाव में शासन व निर्वाचन आयोग को धता बताकर फर्जी जाति प्रमाणपत्र के जरिए प्रधान पद हथियाना आखिर महंगा पड़ ही गया। तहसील के पूरे जोधा गांव में बीते पंचायत चुनाव में गुलाम मोहम्मद ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र का सहारा लेकर प्रधान पद पर चुनाव लड़ा। पिछड़ी जाति का प्रमाणपत्र लगाकर प्रधानपद पर किस्मत अजमाने वाले गुलाल मोहम्मद ने निर्वाचन में जीत भी हासिल कर ली। इधर तहसील के अधिवक्ता मस्तराम पाल ने निर्वाचित प्रधान गुलाल मोहम्मद के द्वारा दाखिल जाति प्रमाण पत्र की वैधता को एसडीएम अदालत में वाद दायर कर चुनौती देते हुए इनके निर्वाचन को रद्द किए जाने की फरियाद की। इस बीच मस्तराम पाल के शिकायती प्रार्थना पत्र पर जिलाधिकारी के द्वारा गठित स्क्रीनिंग कमेटी ने भी जब पिछड़ी जाति के प्रमाण पत्र जांच की तो वह बीती 26 जुलाई को फर्जी पाया गया।

स्क्रीनिंग कमेटी ने भी प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया। इसके तहत एसडीएम अदालत में बीती 10 अगस्त को दायर वाद में सुनवाई भी पूरी हो गई। शनिवार को एसडीएम अभय पांडेय ने निर्वाचित प्रधान गुलाम मोहम्मद के प्रमाणपत्र को फर्जी ठहराते हुए प्रधानपद पर उनके निर्वाचन को रद्द कर दिया। फर्जी प्रमाणपत्र को लेकर मस्तराम पाल के वाद पक्ष की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता देवी प्रसाद मिश्र व अम्बुज पांडेय ने किया। वहीं विपक्षी गुलाम मोहम्मद के अधिवक्ता शहजाद अंसारी रहे। इस बीच एसडीएम अदालत के फैसले के बाद मस्तराम पाल ने अब प्रधान पद पर गुलाम मोहम्मद के द्वारा पद का दुरूपयोग करते हुए वित्तीय अनियमितता को लेकर एफआईआर दर्ज कराए जाने और धनराशि की रिकवरी कराए जाने की भी गुहार लगाई है।

 

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