प्रशांत भूषण ने एंटी रोमियो दल के गठन और बीजेपी-आरएसएस की कार्यशैली पर लगाये प्रश्नचिन्ह

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नई दिल्ली- लड़कियों के खिलाफ गुंडा गर्दी को रोकने के नाम पर आजके युवक युवती के हर संबध को अपराध बता देना ग़ैर वाजिब है। ये बीजेपी आरएसएस वाले हमारी संस्कृति नहीं समझते, ये नहीं समझते कि महाभारत वाले कृष्ण और रासलीला वाले कृष्ण एक ही हैं। ये नहीं समझते कि करोड़ों देवी-देवताओं में सिर्फ श्री कृष्ण को ही पूर्ण-अवतार क्यों कहा जाता है! भगवान कृष्ण धर्मरक्षक हैं, मार्गदर्शक हैं। प्रेम, संस्कृति और पूर्णता के प्रतीक हैं।

स्वराज अभियान ये जानता है कि रोमियो कोई गुंडा या अपराधी नहीं था। रोमियो-जूलियट एक अमर प्रेम कहानी है, साहित्य का बेहतरीन नमूना है। हमारी संस्कृति में भी लैला-मजनू, हीर-रांझा, सोहनी-महिवाल हैं, जो गुंडे या अपराधी नहीं है। ये वो हैं जिनकी प्रेम कहानियों की कसमें खायी जाती हैं।

प्रशांत भूषण का ट्वीट यूपी के ऐंटी रोमियो स्क्वाड के कारगुज़ारोयों पर है। ये टिप्पणी यूपी में चल रहे रोमियो प्रकरण पर है, जिसमें यहाँ वहाँ धर पकड़ चल रही है, किसी भी महिला पुरुष को साथ देखकर कार्यवाई हो रही है, भाई बहन तक पकड़े जा रहे हैं।

प्रशांत भूषण ने अपने ट्वीट के जरिये व्यंग करते हुए कहा कि जिस बेतुके आधार पर ऐंटी रोमियो स्क्वाड काम कर रहा है, महिला पुरुष के हर सम्बन्ध पर सवाल कर रहा है, इनका बस चले तो भगवान कृष्ण को भी ये लोग ईवटीज़र बता दें।

ये ट्वीट ऐंटी रोमियो स्क्वाड पर किया गया एक तंज़ है! देश के आम लोगों को व्यंग समझ में आता है। बाकि जिन्हें भ्रम फैलाना है वो अपना काम चालू रखें।
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