प्रतापगढ़ की कोर्ट में ही एडीजे को दी गई धमकी

प्रतापगढ़(ब्यूरो)- फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज को अधिवक्ता ने अपने मुवक्किल के रसूख की धमकी दी। जिससे नाराज कोर्ट ने यह मामला अपने आदेश में दर्ज करते हुए अपनी सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट को पत्र संदर्भित करने का आदेश जारी किया।

प्रतापगढ़ की फास्ट ट्रैक कोर्ट में जज एसपी श्रीवास्तव की कोर्ट में राज्य बनाम सुनील कुमार गोयल आदि का केस चल रहा है। इस केस की फाइल एक जुलाई को जिला जज के आदेश पर इस कोर्ट में आई थी। छह जुलाई को पहली पेशी पर जब पुकार कराई गई तो अभियुक्त सुनील कुमार गोयल व लोकेश पंत कोर्ट में पेश नहीं हुए। कोर्ट ने पाया कि हाईकोर्ट ने इस केस में जमानत देते हुए स्पष्ट किया है कि अभियुक्तों को ओपनिंग ऑफ केस, फ्रेमिंग ऑफ चार्ज और बयान आदि की तिथियों में संबंधित न्यायालय में उपस्थित रहना है। यदि ऐसा नहीं होता तो विचारण करने वाले न्यायालय को अधिकार है कि जमानत की स्वतंत्रता का हनन मानते हुए विधि सम्मत कार्रवाई कर दे।

इस मुद्दे पर अभियुक्त पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में कठोर टिप्पणी लिखी। जिसमें कहा गया कि अभियुक्त के अधिवक्ता ने कहा कि इसी प्रतापगढ़ में एक पीठासीन अधिकारी ने आदेश पारित किया था तो उन्हें हाईकोर्ट में हाथ पैर जोड़कर नौकरी बचानी पड़ी थी। कोर्ट ने कहा कि इससे प्रतीत होता है कि उन्हें हाईकोर्ट का भय दिखाकर विधिसम्मत कार्यवाही से विरत करने का प्रयास किया जा रहा है। न्यायालय को आभास दिलाया जा रहा है कि अभियुक्त गण अत्यंत प्रभावशाली हैं और उनके मनोनुकूल आदेश न होने पर कोई अप्रिय घटना भी घटित हो सकती है। ऐसी स्थिति में पीठासीन अधिकारी की सुरक्षा के संबंध में हाईकोर्ट को पत्र संदर्भित करने का आदेश भी कोर्ट ने दिया।

रिपोर्ट- अवनीश कुमार मिश्रा 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here