प्रतापगढ़ में अध्यापकों के लिए ऐशगाह बना प्राथमिक विद्यालय, हफ़्तों से नहीं बना मिड डे मिल

0
632

primary school pratapgrah

कालाकॉकर/प्रतापगढ़ (ब्यूरो)- प्राथमिक विद्यालयों में दूध और फल परोसने का दावा करने वाली सरकार बच्चों को एमडीएम भी नहीं खिला पा रही है। प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम न बनने की शिकायत पर जब अखण्ड भारत की टीम हकीकत खँगालने स्कूल पहुँची तो कई चौकाने वाले मामले देखने को मिले। जब अखंड भारत के रिपोर्टर ने प्रथमिक स्कूल मे फल और दूध की जानकारी करनी चाही तो मामला पूरी तरह से सिर्फ कागजी निकला |

जैसा कि हम सभी लोग जानते है कि सरकारी योजना ज्यादातर कागजों पर ही कुलाचे मारती रहती है | यदि यह कभी गलती से भी जनता को मिल जाए तो वह आम जनमानस का सौभाग्य ही होगा| गौरतलब है कि अभी तक केवल आम योजनाओं में ही गड़बड़ की खबरें आती थी लेकिन अब तो देश के भविष्य यानी स्कूली बच्चों से जुडी योजनाओं में भी जमकर धांधली हो रही है |

सरकार स्कूलों मे फल और दूध बंटवाने की बात कहती है और बच्चो के लिये काबिल टीचर रखने की बात भी कहती है, लेकिन ऐसा सिर्फ कागजो पर ही हो रहा है| क्योकि हकीकत की धरातल पर जब पड़ताल की जाती है तो पता चलता है कि अभी तो सरकारें स्कूलो मे मिडडेमील बनवाने मे बहुत पीछे है |

दरअसल ऐसा हम इसीलिए कह रहे क्योंकि हमारी पड़ताल में हाल ही में खुलासा हुआ है कि जिले के कालाकॉकर विकास खण्ड स्थित प्रथमिक विद्यालय भक्तन का पुरवा बारा बीघा मे हफ्ते भर से बच्चो को खाना भी नही मिल रहा है। इस विद्यालय की अध्यापिका से जब जानकारी मॉगी गयी तो उन्होंने कहा कि प्रधानाध्यापक को पता होगा। जब प्रधानाध्यापक का नाम और नम्बर पूछा गया तो ये भी नही बता पायी और न ही किसी अधिकारी का नम्बर ही उनको पता था।

जब बच्चो से इस बाबत पूछताछ की गयी तो बताया कि 72 बच्चे है रजिस्टर मे लेकिन हकीकत सिर्फ 9 बच्चे ही निकले, अब इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितने काबिल शिक्षक कि उन्हें यह भी नहीं पता कि, उनके विद्यालय मे कितने स्टाफ है| बस इतना ही पता है कि 72बच्चे है और बाकी प्रधानाध्यापक आयेंगे तो आना।

जिन गुरुओं के जरिये भविष्य की पीढ़ी को सरकार मजबूत करने का दावा कर रही है, वही गुरुजन अब अपने फायदे के लिए बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करके देश को पंगु बना रहें हैं। क्या यही है हमारे देश की सरकार के काबिल शिक्षक जिनकी दम पर हम विश्वगुरु बनने का दम भरते है|
रिपोर्ट-पंकज मौर्या
हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here