सफेद हाथी सबित हो रहा प्रतापगढ का वर्षो से निर्माणधीन ओवरब्रीज

निर्माणधीन ओवरब्रीज

सफेद हाथी सबित हो रहा प्रतापगढ का ओवरब्रीज

 सहलग का सीजन नजदीक होने से बढी धङकने
प्रतापगढ:- फैजाबाद-इलाहाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर पङने वाला चिलबिला का ओवरब्रिज सत्ता का सुख भोग रहे माननीयो व प्रशासनिक अधिकारियो की अनदेखी से सफेद हाथी सबित हो रहा है। पिछले 14 वर्षो से कच्छप गति से हो रहा निर्माणकार्य
आज तक नही हो सका पूरा। एक तरफ जहा सूर्य देव मार्च माह मे ही रौद्र रूप धारण कर लिए है वही सहलग का सीजन भी शुरू होने को है  चिलबिला क्रांसिंग के कारण शहर में भीषण जाम लगता है। रेलवे क्रासिंग पर लगने वाले भीषण जाम में लोग घंटों फंसे रहते हैं। क्रांसिग बंद होने और खुलने के समय जाम की स्थिति बड़ी भयावह होती है। चिलबिला से लेकर चौक घंटाघर तक लंबा जाम लग जाता है।
कई बार प्रतापगढ जिले से होकर गुजरने वाले सांसद,विधायक अन्य वीआईपी गण यहा तक जिले मे बैठे अधिकारी खुद इस जाम में फँस जाते है। कभी कभी तो स्थिति इतनी पीङादायी हो जाती है कि गंभीर रोगियो की मौत व गर्भवती महिलाओ डिलेवरी भी एम्बुलेन्स मे ही करनी पङती है।फिर भी अब तक इसकी कोई सुध नही ले रहा।
क्या कहता है युवा वर्ग…..
चिलबिला निवासी रवि गुप्ता का कहना है कि अक्सर आम आदमियो को जिम्मेंदारी का पाठ पढाने वाले कोई ऐसा प्रावधान लाते जिससे तय समय सीमा मे और तय गुणवत्ता में कोई कार्य पूरा नहीं होता तो उस क्षेत्र मे सत्ता की मलाई चाट रहे माननीयो जिम्मेदार ठहराए जाए और उनकी सदस्यता रद्द करने के साथ-साथ जुर्माना भी उन्ही से भरवाया  जाए।
एक नजर मे….
2004 में जब लोकसभा का चुनाव हुआ तो समाजवादी पार्टी से अक्षय प्रताप सिंह उर्फ़ गोपाल जी प्रतापगढ़ से सांसद चुने गए।
वर्ष 2007 मे चिलबिला ओवरब्रिज के निर्माण की आधारशिला रखी। आधारशिला तो रख दी गयी मगर निर्माण कार्य बहुत ही धीमी गति से हो रहा था। उसके बाद कांग्रेस से चुनाव जीतकर आई राजकुमारी रत्ना सिंह ,पांच साल में केवल पिलर का गड्ढ़ा ही खुदवा पाईं।
वर्ष 2014  के मोदी लहर मे चुनावी वैतरणी पारकर के आये अपना दल (कृष्णा पटेल गुट) के कुँवर हरिवंश सिंह जो कि पडोसी जिले जौनपुर के मूल निवासी है और मुम्बई मे अपना करोबार चलाते है और क्षत्रिय महासभा से भी जुङे है सांसद महोदय का ज्यादातर समय क्षत्रिय महासभा के कार्यक्रमो मे ही गुजर जाता  है। मोदी लहर मे चुनाव जीत कर आये सांसद कुँवर हरिवंश सिंह ने केन्द्रीय मन्त्री नितिन गडकरी जी को यहां पर लाकर यह वादा तो किया कि ओवरब्रीज 2016 में चालू कर दिया जायेगा, मगर ओवरब्रीज चालु नहीं हो पाया और यह साल भी बीत गया। वर्ष 2017 आ गया।
फरवरी माह में इसको चालू करने की दावेदारी की गयी मगर फरवरी बीत गई ओवरब्रीज ढाक के तीन पात ही है । और हो सकता है 2019 के चुनाव में एक बार फिर प्रतापगढ का ऐतिहासिक ओवरब्रीज मुद्दा बने।
क्या कहना है जिम्मेदारो का…..
चिलबिला रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रीज का कार्य इसी माह मे पूर्ण होगा उङीसा से भूकम्परोधी तार आ गया है जिसके कारण कार्य रूका था।
रिपोर्ट:-राजाराम वैश्य/अजय जायसवाल प्रतापगढ

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY