प्रतापगढ़ की प्रमुख खबरे

सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश
प्रतापगढ़ (ब्यूरो) – अजगरा महोत्सव आयोजन के तैयारियों के सम्बन्ध में जिलाधिकारी शम्भु कुमार एवं पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने विकास खण्ड लक्ष्मणपुर अन्तर्गत रानीगंज अजगरा पहुॅचकर वहां पर मेले के सम्बन्ध में हो रही तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम विद्यालय में जाकर वहां पर साफ-सफाई व्यवस्था को देखा। इसके बाद उन्होने मेला प्रांगण में कलाकारों के ठहरने की व्यवस्था, सड़कों के मरम्मत आदि कार्यो का जिलाधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होने निर्झर प्रतापगढ़ी द्वारा संचालित संग्राहलय में पुरातन काल की रखी हुई वस्तुओं को देखा और उसके विषय में निर्झर प्रतापगढ़ी से जानकारी प्राप्त की। अजगरा महोत्सव के आयोजन के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों के साथ अजगरा महोत्सव स्थल पर बैठक करके आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि यह महोत्सव दिनांक 14 सितम्बर से 16 सितम्बर तक मनाया जायेगा जिसमें भारी संख्या में लोग एकत्रित होते है, इस सम्बन्ध में व्यवस्थायें समय से पूर्ण कर ली जाये जैसे पेयजल व्यवस्था, चिकित्सा सम्बन्धी व्यवस्था, विद्युत, सुरक्षा व्यवस्था आदि महोत्सव से पहले पूर्ण कर ली जाये।

उन्होने कहा कि अजगरा महोत्सव प्रतापगढ़ का प्राचीन स्थल है। अजगरा महोत्सव में शान्ति व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी लालगंज एवं क्षेत्राधिकारी लालगंज सौपी है। उन्होने कहा कि अजगरा महोत्सव में पंचायत राज, वन, उद्यान, कृषि, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, मनरेगा, बाल विकास एवं विद्युत विभाग आदि द्वारा अवश्य विभागीय स्टाल लगाये जाये। बैठक में यह भी बताया गया कि सभी विभागीय अधिकारी अपने विभाग एवं सरकार की उपलब्धियो से सम्बन्धित जन जागरण के जानकारी हेतु स्टाल अवश्य लगाये। सांस्कृतिक कार्यक्रम के बारे में बताया गया कि जिला समन्वयक नेहरू युवा केन्द्र के सहयोग से सम्पादित कराया जाये। स्वागत सम्बन्धी व्यवस्थायें जिला पंचायत राज अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं ग्रामसभा अजगरा के प्रधान को जिम्मेदारी सौपी गयी है। जलपान की व्यवस्था जिला पूर्ति अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी लक्ष्मणपुर तथा सम्बन्धित ग्राम स्तरीय विकास अधिकारी द्वारा की जायेगी।

पण्डाल विद्युत व्यवस्था अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग एवं विद्युत विभाग द्वारा की जायेगी। पेयजल व्यवस्था एवं सभी बिगड़े हुये इण्डिया मार्का हैण्डपम्पों को अधिशासी अभियन्ता जल निगम द्वारा दुरूस्त करा दिया जाये। जल निगम, नगर पालिका के टैंकर पानी सहित उपलब्ध रहेगे। पौराणिक तालाब की वैरीकेटिंग लोक निर्माण विभाग द्वारा की जायेगी। अग्निशमन हेतु एक दमकल की व्यवस्था रहेगी। सफाई व्यवस्था जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा करायी जायेगी। अन्त में जिलाधिकारी ने समस्त सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा जिस विभाग को जो भी जिम्मेदारी सौपी गयी है उसका अक्षरशः पालन करें यदि कोई भी समस्या आ रही है तो उसे उपजिलाधिकारी लालगंज एवं खण्ड विकास अधिकारी लालगंज को अवगत कराया जाये।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी लालगंज दिनेश कुमार मिश्रा, परियोजना निदेशक दयाराम यादव, जिला विकास अधिकारी सुदामा प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम प्रताप यादव पूर्व मंत्री के पी0आर0ओ0 दिनेश सिंह सहित सम्बन्धित विभागो के अधिकारी उपस्थित रहे।

अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र/छात्रायें छात्रवृत्ति हेतु 30 सितम्बर तक करें आनलाइन आवेदन
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया है कि अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र/छात्राओं हेतु संचालित छात्रवृत्ति योजना (प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक एवं मेरिट कम-मीन्स) में वर्ष 2018-19 हेतु पात्र छात्र/छात्राओं के आनलाइन आवेदन की अन्तिम तिथि दिनांक 30 सितम्बर 2018 तक निर्धारित की गयी है। उन्होने समस्त राज्यानुदानित/मान्यता प्राप्त प्रबन्धक/प्रधानाचार्यो को निर्देशित किया है कि विद्यालय/मदरसे में अध्ययनरत समस्त पात्र छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत आनलाइन आवेदन करने हेतु प्रेरित करें जिससे अन्तिम तिथि से पूर्व छात्र/छात्राओं द्वारा आनलाइन आवेदन किया जा सके।

कीटनाशक विक्रेताओं हेतु कीटनाशी लाइसेन्स से सम्बन्धित नियम
जिला कृषि रक्षा अधिकारी जनार्दन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से समस्त कीटनाशक विक्रेताओं को जो अनुज्ञप्तिधारी है को सूचित किया है कि कीटनाशी नियमावली 1971 में संशोधन दिनांक 01 फरवरी 2017 के अनुसार कीटनाशी का विक्रय या वितरण या बिक्री स्टाक व प्रदर्शन के लाइसेन्स आवेदन के लिये निर्धारित अर्हता रखने वाले व्यक्तियों को ही लाइसेन्स निर्गत किये जाने की व्यवस्था है। भारत सरकार के नोटीफिकेशन दिनांक 01.02.2017 के अनुसार विक्रय स्टाक या विक्रय के प्रदर्शन या वितरण हेतु कीटनाशी लाइसेन्स प्राप्त करने के लिये किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कृषि विज्ञान या जैव रसायन या जैव प्रोद्योगिकी या जीव विज्ञान या विज्ञान जिसमें रसायन विज्ञान या वनस्पति विज्ञान या प्राणि विज्ञान विषय हो में स्नातक डिग्री रखेगा या किसी ऐसे व्यक्ति को नियोजित करेगा जो यह अर्हतायें रखता हो या किसी सरकारी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कृषि या उद्यान, कृषि या सम्बद्ध विषयों में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम रखता हो, जिसमें पादप संरक्षण और कीटनाशी प्रबन्धन पर पाठ्यक्रम अवश्य हो। अनुज्ञप्तिधारियों हेतु निर्धारित अर्हताओं के बिना लाइसेन्स वैध रहने की छूट 01 फरवरी 2019 तक ही मान्य है तथा इसके उपरान्त ऐसे समस्त लाइसेन्स निरस्त हो जायेगें जो अनुज्ञप्तिधारी भारत सरकार द्वारा निर्धारित शैक्षिक अर्हताओं को पूर्ण नही करेगें।

 किसान भाई धान की फसल में लगने वाले कीटों एवं रोगों से अपनी फसल को बचायें-जिला कृषि रक्षा अधिकारी
जिला कृषि रक्षा अधिकारी जर्नादन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया है कि जनपद में धान की रोपाई का कार्य पूर्ण हो चुका है। किसान भाई धान की फसल को कीट एवं रोग से बचाये। उन्होने धान की फसल में खैरा रोग के विषय में जानकारी देते हुये बताया है कि यह जिंक की कमी से होने वाला रोग है, जिसमें पत्तियां कत्थई रंग की हो जाती है जिससे पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया रूक जाती है। इसके उपचार के लिये किसान भाई प्रति हेक्टे0 25 किग्रा0 जिंक सल्फेट 2.5 किग्रा0 बुझा चुना के साथ मिलाकर 800 ली0 पानी में घोल बनाकर फलैट नोजल से छिड़काव करें। उन्होने बताया है कि यदि फसल में दीमक कीट लगे हो तो उपचार के लिये किसान भाई सिंचाई के पानी के साथ क्लोरोपाइरीफास 20 प्रति0 ई0सी0 3-4 ली0 प्रति0 हेक्टे0 की दर से प्रयोग करना चाहिये। यदि फसल में पत्ती लपेटक कीट लग जाये तो उसके लिये संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिये तथा खेत में उपस्थित मकड़ियों को संरक्षित रखना चाहिये। दो ताजी पत्ती प्रति हिल नालीनुमा संरचना दिखाई देने पर क्यूनालफास 25 प्रति0 ई0सी0 को 1.25 ली0 प्रति हेक्टे0 की दर से छिड़काव करें।

तना बेधक कीट के लिये कृषक भाई इस कीट के अण्डे के झुण्ड या सूड़ी दिखाई पड़ने पर मोनोक्रोटोंफास 36 प्रति ई0सी0 1 ली0 प्रति हेक्टे0 या 1.5 ली0 नीम आयल प्रति हेक्टे0 की दर से 800 ली0 पानी में डालकर छिड़काव करें। इसके अलावा धान की फसल में जड़ की सूड़ी (रूट बिबिल) कीट जिस क्षेत्र में जल का अधिक भराव रहता है, वही पर इस कीट का अधिक प्रकोप होता है। जड़ की सूड़ी कीट चावल के आकार की होती है जो पौधों के जड़ों में पायी जाती है। ये कीट जड़ों के तथा मुख्य तने के रसों को चूसकर पौधे को सुखा देती है जिसके कारण पौध मृतप्राय हो जाते है इसके लिये किसान भाई पानी का निकास करें एवं कार्वोफ्यूरान 3 जी0 18-20 किग्रा0 प्रति हेक्टे0 अथवा क्लोरोपायरीफास 2.500-3.000 ली0 प्रति हेक्टे0 एवं कारटाप हाइड्रोक्लोराइड 4 प्रति0 दानेदार रसायन 17-18 किग्रा0 प्रति हेक्टे0 की दर से प्रयोग करें।

रिपोर्ट  – अवनीश कुमार मिश्रा 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here