महामहिम राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और 3,52,000/- तीन लाख बावन हजार रूपये

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The President, Dr. A.P.J. Abdul Kalam interacting with the students of various schools of New Delhi at Rashtrapati Bhavan on the eve of Republic Day on January 25, 2007.
The President, Dr. A.P.J. Abdul Kalam interacting with the students of various schools of New Delhi at Rashtrapati Bhavan on the eve of Republic Day on January 25, 2007.

इस वक्त तक दुनिया भर में मिसाइल मैन के नाम से मशहूर, देश के सबसे बड़े वैज्ञानिक भारत रत्न श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भारतीय गणतंत्र के राष्ट्रपति बन चुके थे I अब उनका अपने परिवार के पास, उनके अपने गाँव जिस मिटटी में खेल कर वह बड़े हुए थे, रामेश्वरम आना-जाना बहुत ही कम हो पाता था क्योंकि उनके कन्धों पर अब देश के राष्ट्रपति की जिम्मेदारी जो आ चुकी थी I अब वह ए.पी.जे. अब्दुल कलाम नहीं रह गए थे जो कि एक वैज्ञानिक या रक्षा मंत्री या फिर प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार मात्र रहे हो I अब वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के मुखिया बन चुके थे I अब रामेश्वरम की उस तंग गली से आने वाला बच्चा दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी फौज का मुखिया बन चुका था I अब वैज्ञानिक, भारत रत्न श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम बन चुके थे महामहिम राष्ट्रपति आदरणीय श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम –

The President, Dr. A.P.J. Abdul Kalam with the National Bravery Award winner children at Rashtrapati Bhavan, in New Delhi on January 23, 2007.
The President, Dr. A.P.J. Abdul Kalam with the National Bravery Award winner children at Rashtrapati Bhavan, in New Delhi on January 23, 2007.

ऐसे में एक दिन उनका पूरा परिवार उनसे मिलने के लिए दिल्ली आ पहुंचा I यह बात हैं मई वर्ष 2006 की I उनका पूरा परिवार काफी बड़ा हैं उनके आ जाने से राष्ट्रपति महोदय काफी प्रशन्न हुए I उनके परिवार के सभी सदस्य मतलब उनके 90 वर्षीय बड़े भाई से लेकर उनकी डेढ़ वर्षीय परपोती तक सभी दिल्ली के रायसीना हिल्स राष्ट्रपति भवन में आ गये I

इनका पूरा परिवार तक़रीबन 8 दिनों तक दिल्ली में राष्ट्रपति के निवास स्थान पर ही रुका, उन सभी लोगों ने दिल्ली भ्रमण किया, आस-पास देखने वाली जो भी जगहे थी सभी जगह वह लोग गये, अजमेर शरीफ के भी दर्शन करने के लिए गये I तक़रीबन आठ दिन के बाद जब उनका परिवार वापस रामेश्वरम चला गया तब डाक्टर कलाम ने राष्ट्रपति भवन के एक अफसर को बुलाया और पूछा की मेरे परिवार के लोग जो आये थे उनके ऊपर कुल कितना धन खाने-पीने से लेकर सभी कामों में खर्च हुआ हैं ?

अफसर बिलकुल आवाक उनको ताकता रह गया उसे यह समझ नहीं आया कि वह आखिर देश के राष्ट्रपति को क्या जवाब दे ? लेकिन फिर डाक्टर श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने उनसे कहा कि मैंने कुछ ब्याक्तिगत तौर पर भी हिसाब रखा हैं I महामहिम राष्ट्रपति डाक्टर श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने न केवल उनके रहने का किराया बल्कि उन सभी परिवार जनों के द्वारा पी गयी एक-एक प्याली चाय तक का हिसाब कर रखा था और उनके जाने के बाद इस महान वैज्ञानिक भारत रत्न डाक्टर श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने अपने ब्याक्तिगत खाते से तुरंत ही 3,52,000/- (तीन लाख बावन हजार रूपये) रूपये का चेक काट कर राष्ट्रपति कार्यालय को भेज दिया I

The President, Dr. A.P.J. Abdul Kalam with the Fellows of the Jamsetji Tata National Virtual Academy for Rural Prosperity while inaugurates the National Virtual Congress of Farmers at the 93rd Indian Science Congress in Hyderabad on January 5,2006.
The President, Dr. A.P.J. Abdul Kalam with the Fellows of the Jamsetji Tata National Virtual Academy for Rural Prosperity while inaugurates the National Virtual Congress of Farmers at the 93rd Indian Science Congress in Hyderabad on January 5,2006.

और साथ ही उन्होंने यह बात भी कही कि इस बात की जानकारी किसी भी बाहरी ब्यक्ति को नहीं होनी चाहिए और न ही किसी के साथ इसका जिक्र किया जाना चाहिए I और हुआ भी कुछ ऐसा ही जब तक वह देश के राष्ट्रपति पद पर रहे इस बात का खुलासा नहीं हो पाया लेकिन उनके राष्ट्रपति पद से हटने के बाद उनके सलाहकार रहे श्री नायर ने जब उनके साथ बिताये हुए अपने पलों को एक किताब में लिपिबद्ध किया तब दुनिया को इस घटना के बारे में पता चला I

ऐसे थे हमारे पूर्व राष्ट्रपति डाक्टर श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, कोई भी पुरस्कार उन्हें पाकर अपने आप में गौरव महशूस करता होगा I आज की स्वार्थ परक दुनिया में शुद्ध और शुद्ध इंशान थे वह !!

 photo credit -PIB

 

 

 

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