प्रधानमंत्री का खुले में शौच मुक्त भारत बनाने का सपना पूरा होने में संदेह

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बछरावाँ/रायबरेली-  प्रधानमंत्री तथा सूबे के निजाम योगी का सपना पूरे प्रदेश के गाँवो को खुले में शौचमुक्त करना है। इसके लिए केंद्र तथा प्रदेश की सरकारें नित् नये- नये तरीके अपनाकर लोगो को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। दूरदर्शन, रेडियो, समाचारपत्रों तथा सोशल मीडिया द्वारा गाँवो को खुले में शौचमुक्त करने के लिए तथा खुले में शौच करने से होने वाली बीमारियों को खूब प्रचारित किया जा रहा है।

शौचालय बनवाने के लिए इच्छुक व्यक्तियों को शासन द्वारा 12000 रूपये की आर्थिक मदद भी की जा रही है। लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा अफसरशाही पर अंकुश न लगाने के कारण आज हर तरफ भ्रष्टाचार रुपी सुरसा मुंह फैलाये खड़ी है।

ज्ञात होकि विकासखंड से सटी हुई ग्राम सभा बिशुनपुर में एक ऐसा प्रकरण सामने आया है जो की खुद बयान करता है कि विकासखंड बछरावाँ में सिर्फ और सिर्फ यहां के अधिकारियो के द्वारा बनाये हुए खुद के कानून चलते है न कि मोदी व योगी के।

ज्ञात होकि बिशुनपुर निवासिनी अनीता पत्नी संतपाल ने जिलाधकारी को पत्र भेजकर ग्राम्यविकास अधिकारी अनिलकुमार पर आरोप लगाते हुए बताया की वर्ष 2015-16 में शौचालय बनवाने के अनीता पत्नी संतपाल, जटाशंकर पुत्र रघुनंदन, लीलावती पत्नी रामाधार, बाबूदेई पत्नी बंशी, अलोपी प्रसाद पुत्र छोटे लाल, रामआसरे पुत्र रामसनेही, गंगाचरण पुत्र शंकरदयाल, नरेंद्र कुमार पुत्र सुरेशचंद्र, रामेश्वर पुत्र कल्याण, रामरतन पुत्र श्रीकृष्ण, विनोद पुत्र रामसनेही, शांती पत्नी सोहन लाल, कमलेश पुत्र मंशाराम, देवता पुत्र जयजय राम, रामेश्वर पुत्र घिघिरवा, रामवती पत्नी रामप्यारे, मैका पत्नी मंगल, प्रेमचन्द्र पुत्र शिवराम, सुनीता पत्नी राजेश, मातादीन पुत्र शिवप्रसाद, रामलोटन पुत्र मथुरा, रामनरायन पुत्र मिहीलाल, दशरथ पुत्र रतिपाल, मायावती पत्नी सहजराम, भगौती पुत्र छोटेलाल, रामचंद्र पुत्र छोटेलाल का नाम शौचालय बनवाने हेतु चयनित किया गया था।

ग्राम्यविकास अधिकारी द्वारा चयनित व्यक्तियों के यहाँ लगभग डेढ़ वर्ष पहले मानक विहीन पीला ईटा 750 प्रतिचनित व्यक्ति के यहाँ तो भेज दिया गया। लेकिन अन्य सामग्री सीमेंट,सरिया, मौरंग आदि आज तक नही भेजी गयी।

उन्होंने आगे कहाकि जब हम ग्रामविकास अधिकारी अनिल कुमार के पास शौचालय बनवाने के बारे में बात करने जाते है तो अनिल कुमार द्वारा जल्द ही बन जायेगा कहकर कोई भी संतोषजनक जवाब नही दिया जाता है। प्रार्थनी ब्लॉक के चक्कर लगाकर परेशान हो चुकी है।

उन्होंने कहाकि अगर प्रार्थनी की फरियाद जिलाधिकारी के यहाँ नही सुनी गई तो वह मुख्यमंत्री के दरबार में जाने को बाध्य होगी। सवाल यह उठता है कि अगर ऐसे प्रकरणों की जाँच निष्पक्षता से की जाये तो विकासखंड में सैकड़ो की संख्या में अनीता जैसी महिलाये मिल जाएंगी। जो अपने हक के लिए ब्लॉक के चक्कर लगा-लगा कर थक हार कर घर में बैठ गयी है।

योगी आदित्यनाथ के उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बनने से लोगो में आस जगी है कि मुख्यमंत्री द्वारा बछरावाँ ब्लॉक में वर्षो से जमे अधिकारियो जो पिछली सरकारों में गरीबो के  काम न करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते है और एडोल्फ हिटलर के पद चिन्हों पर चल रहे है उनको अपने हिसाब से काम करना सीखा देंगे।

रिपोर्ट-जयसिंह पटेल

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