कारागार से फरार कुख्यात कैदियों का पता लगाने में जिला प्रशासन नाकाम

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मैनपुरी(ब्यूरो)- जिला कारागार से फरार हुए चारों कुख्यात कैदियों का पुलिस प्रशासन पता लगाने में नाकाम सावित हो रहा है।

आपको बताते चले कल होली के मौके पर चार अलग अलग अपराधो में सजा काट रहे कैदी उस बक्त फरार हो गए थे जब जेल में बद कैदियों को वहाँ के स्टाफ ने होली खेलने के लिए उनके बेरिको के ताले खोल दिए थे, और उन्हें आपस में होली खेलने की छुट दे दी।

कैसे की भागने की तैयारी-
चारो अपराधी पहले से ही भागने की फ़िराक में थे। सूत्रो से पता चला है कि जेल परिसर में बगियाँ है और वहाँ एक कमरा है । क़ैदी राजेन्द्र बगियाँ में काम किया करता था और ज्यादा समये उसका उसी कमरे में गुजरता था। चूँकि जेल परिसर में नई बैरिको का निर्माण कार्य चल रहा था इस लिए कैदी राजेन्द्र भागने में सहायक सामिग्री को उसी कमरे में छुपा देता था।

कैसे दिया घटना को अंजाम-
होली के दिन लगभग 12 बजे के आसपास सभी कैदियो की बैरिको के ताले खोल दिए थे ताकि कैदी आपस में होली खेल सके। इधर कारागार स्टाफ भी होली खेलने में मस्त हो गया । लगभग 2 बजे के आसपास प्लानिंग के तेहत चारो कैदियों देखा कि सभी लोग होली के रंगो में रंग चुके है। यही बो समये था कि चारो कैदियो ने पहले बगियाँ स्थित कमरे का ताला तोडा और उसमे पहले से छुपा रखा गमछा, लोहे के रोड व् रस्सियाँ लेकर चारो पीछे की निर्माण ही रही दिवार जिसकी ऊंचाई अभी पूरी नही हो पायी है , उस पर रस्सी में एंकर बना रस्सी के सहारे चढ़कर पीछे कूद कर फरार हो गए।

कौन किस अपराध में था बंद-
फरार हुए केदियो में से एक का नाम डॉक्टर राजेन्द्र सिंह पुत्र जयमल है, जिसे आजीवन कारावास की सजा मिली हुई है । दूसरा नाम योगेश का है जिसपर 302 का मामला था । तीसरा नाम-मुन्साद पुत्र शाहदीप
का है, जो कि एक शार्प शूटर बताया जा रहा है।
ये तीनों ही मेरठ के बताएं जा रहे हैं। चौथा नाम-सुनील का है, जो कि अटरिया जालौन का बताया जा रहा है। जिसपर नकली नोट का मामला था।

भागे अपराधियो की भनक सुरक्षा कर्मियो को हुयी तो उनके नीचे से जमीन खिसक गयी । आनन्फानन में कैदियो की तलास की गयी परंतु वो जव जेल में कही नही मिले तभी इसकी सुचना उच्चाधिकारिओ को दी गयी।

डीएम ने भेजी शासन को रिपोर्ट-
जेल से कैदियों के फरार हो जाने की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कम्प मच गया है। सूचना मिलने पर जेल पहुँचे जिलाधिकारी ने बताया कि पूरी जाँच की जा रही है। शासन को रिपोर्ट भेजी गयी है। कैदियों को पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी गयी हैं। फरार कैदियों को जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

30 घण्टे बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली
30 घण्टे बाद भी पुलिस को भागे हुए कुख्यात अपराधियो का कोई सुराग नही मिला है । पुलिस भले ही उन्हें जल्द पकड़ने की बात केह रही है। परंतु आसंका से इनकार नही किया जा सकता कि जव इतने बड़ी सुरक्षा को धता बताकर चार कुख्यात अपराधियो का पुरे पुलिस प्रशासन को चकमा देकर भागना जेल प्रशासन पर कई शवालिया निशान खड़े कर रहा है।

सूचना पर पहुंचे डीआइजी कारागार
आज कारागार पहुंचे जहाँ उन्होंने पुरे मामले की जानकारी की। इसके बाद उन्होने मिडिया को बताया कि हमलोग पुरे प्रयाश कर रहे है कि चारो क़ैदी जल्द पकड़े जाये। उन्होंने इस आशंका से भी इनकार नही किया कि इतनी बड़ी घटना एक बड़ी साजिस की और इसारा कर रही है। परन्तु जाँच की जा रही है जो भी दोसी होंगे उन्हें बक्शा नही जाएगा।

रिपोर्ट- प्रमोद झा
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