विभागीय उदासीनता के कारण धड़ल्ले से चल रहे हैं निजी अस्पताल

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सिकन्दरपुर/बलिया (ब्यूरो)- स्थानीय एक नर्सिंग होम में शुक्रवार को हुई एक नवजात की मौत में विभाग की कलई खोल कर रख दिया है। यहां तक की अस्पताल के ऊपर रजिस्ट्रेशन न होने के आरोप भी लग रहे हैं। ऐसा नहीं है इस प्रकार का निजी अस्पताल क्षेत्र में केवल एक ही है। देखा जाए तो जच्चा बच्चा के अस्पताल यहां पर दर्जनों की संख्या में है। जहां आए दिन इस प्रकार की घटनाएं घटित होती रहती है। कुछ घटनाओं को माननीयों के दबाव में दबा दिया जाता है तो कुछ को धन दौलत के बल पर दबा दिया जाता है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस प्रकार की निजी अस्पतालों पर नकेल न कशा जाना सोचनीय है।

विदित हो कि पिछले दिन एक नर्सिंगहोम मैं नवजात बच्ची के के मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर के ऊपर लापरवाही पूर्वक इलाज करने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी इस समय जच्चा बच्चा केंद्र व झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ सी आई हुई है। जिसपर स्वास्थ्य विभाग अभी तक अपनी आंख मूंदे हुए हैं। वहीं कुछ आशा बहूएं भी कुछ पैसों की लालच में इनसे संपर्क रख डिलीवरी कराने के लिए ऐसे जगहों पर लेकर जाती हैं। लेकिन विभाग के उदासीन रवैया के कारण ही ऐसे केंद्र खुलेआम धड़ल्ले से चल रहे हैं। जिन पर नकेल कसा जाना अति आवश्यक है। यदि विभाग द्वारा ऐसे केंद्रों को जांच पड़ताल करके खुलने दिया गया होता तो शायद ऐसी घटनाएं नहीं घटती।

रिपोर्ट- इमरान खान/गोपाल प्रसाद गुप्ता/अभिषेक तिवारी

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