प्रिया मर्डर मिस्ट्री की गुत्थी सुलझाने को लेकर चोरमा गाँव पहुंची विधि विज्ञान टीम

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सुल्तानपुर(ब्यूरो)- जाँच हाई प्रोफाइल मामले में रेप पीड़िता की सनसनी खेज हत्या को लेकर चल रही जाँच में निदेशक विधि विज्ञान प्रयोगशाला महानगर लखनऊ के निर्देश पर पीड़िता के घर पहुंची तीन सदस्यीय अधिकारी व वैज्ञानिको की टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाये|

जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के चोरमा गाँव के बहुचर्चित रेप पीड़िता रौशनी उर्फ़ प्रिया सिंह की हत्या मामले की अनसुलझी पहेली की चल रही जाँच में शनिवार को दोपहर बिधि बिज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ के निर्देशन में मृतिका के घर पहुंची तीन सदस्यीय टीम जयसिंहपुर पुलिस के साथ दोपहर 2 बजे मृतिका के पैतृक गाँव चोरमा पहुंचकर घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए जरूरी साक्ष्य जुटाए| लखनऊ की टीम के नेतृत्व कर रहे डिप्टी डायरेक्टर पवन कुमार, वैज्ञानिक अधिकारी अरसद हामिद, वैज्ञानिक अरुण शुक्ल, कोतवाली प्रभारी राम प्रताप सिंह ने घटना से जुड़े हुए सभी पहलुओं व घटनास्थल से सम्बंधित साक्ष्यो व मृतिका के पिता राजेन्द्र सिंह से भी आवश्यक जानकारियां लेकर लखनऊ रवाना हो गए| विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डिप्टी डायरेक्टर पवन कुमार ने बताया कि जांच सभी जरूरी पहलुओ पर की जा रही है जाँच रिपोर्ट परीक्षण के बाद ही स्थित स्पष्ट हो पायेगी |

क्या है मामला-

बीते 11 फ़रवरी 2017 की रात क्षेत्र के चोरमा गाँव की हाईप्रोफाइल मामले में रेप पीड़िता प्रिया उर्फ़ रौशनी की सनसनीखेज हत्या के बाद मृतिका का शव घर से 100 मीटर की दूरी पर पंचायत भवन के पीछे मिलने से समूचा क्षेत्र हतप्रभ हो गया था |यह वही प्रिया थी, जिसने तत्कालीन सदर विधायक अरुण वर्मा पर गैंगरेप का आरोप लगाया था| जिसमे काफी जद्दोजहद के बाद मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है जिसमे तत्कालीन मुख्यमन्त्री अखिलेश यादव तक को मामले में कई बार सफाई देनी पड़ी थी| यही नहीं पश्चिम की चुनावी रैली में देश के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी व भाजपा के दिग्गज नेताओ ने कई चुनावी सभाओ में जमकर सपा सरकार को महिमा मण्डित किया था| यही वह मिस्ट्री थी जिसने पूर्ववर्ती सपा सरकार को झकझोर कर रख दिया था|

तीन महीने बाद भी नही हुई हत्या आरोपियो की गिरफ्तारी-

इस हाईप्रोफाईल मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नही हुई है मृतिका के पिता राजेन्द्र सिंह द्वारा इस घटनाक्रम में एक बार गुमशुदगी व् बाद में तत्कालीन सदर बिधायक अरुण वर्मा व् अन्य के खिलाफ हत्या व् साजिश के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाना पुलिस के लिए पहेली बन हुआ है तीन महीने बाद भी जयसिंहपुर पुलिस इस हाईप्रोफाइल मामले में हत्यारो के करीब तक नही पहुंच पायी है देखना यह कि पुलिस हत्यारो की गिरफ्तारी में अभी कितना समय और लेती है|

रिपोर्ट- दीपक मिश्रा

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