संपत्ति हड़पने के चक्कर में 17 वर्ष पूर्व हुए भाई के अपहरण मामले में लापरवाही

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सुल्तानपुर(ब्यूरो)-संपत्ति हड़पने के चक्कर में 17 वर्ष पूर्व हुए भाई के अपहरण मामले में आरोपी सगे भाइयों समेत अन्य के खिलाफ चल रही विवेचना में दरोगा जमकर लापरवाही बरत रहे हैं। जिस पर एसीजेएम षष्टम अनिल कुमार सेठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए उसके खिलाफ कार्यवाही के लिए एसपी को पत्र भेजकर आख्या तलब की है।
मामला गोसाईगंज थाना क्षेत्र के गांव का है। जहां की रहने वाली दुर्गावती पत्नी संतराम की अर्जी पर कोर्ट के आदेश के बाद 9 जनवरी 2013 को आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।

आरोप के मुताबिक उसके देवर आत्माराम व सियाराम उसके पति संतराम की पैतृक संपत्ति को हड़पने के चक्कर में उससे रंजिश रखते थे और इसी को लेकर सहआरोपी कृष्णदेव,राहुलदेव,वरुण देव,इंद्रदेव,विंदावती के सहयोग से 25 सितंबर वर्ष 2000 को आरोपी आत्माराम अपने बेटे के साथ अभियोगिनी के पति संतराम को स्कूटर पर बैठा कर ले गए, इसके बाद से आज तक वह वापस ही नहीं लौटा। दुर्गावती का आरोप है कि उसके पुत्र नहीं है सिर्फ दो पुत्रियां ही है, इसीलिए पैतृक संपत्ति को हड़पने के चक्कर में अक्सर उसके देवर आदि तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहते थे।

इस मामले में विवेचक ने अपनी मन मुताबिक विवेचना में यह तथ्य दर्शाया कि मामला काफी पुराना है और संतराम को मिलने की कोई संभावना ही नहीं है, इसी आधार पर प्रकरण में फाईनल रिपोर्ट लगा दी।फिलहाल अदालत ने अभियोजन पक्ष की प्रोटेस्ट अर्जी को स्वीकार करते हुए पुलिस की फाइनल रिपोर्ट निरस्त करते हुए 20 अक्टूबर 2015 को अग्रिम विवेचना का आदेश पारित किया था। अदालत का यह आदेश हुए करीब 16 महीने बीत चुके हैं लेकिन पुलिस की विवेचना जस की तस पड़ी हुई है। पिछली पेशी पर न्यायाधीश अनिल कुमार सेठ ने दरोगा महेंद्र कुमार की लचर विवेचना पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उसके खिलाफ पुलिस एक्ट 29 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करते हुए केस डायरी के साथ तलब किया था, लेकिन दरोगा महेंद्र सिंह अदालत में हाजिर नहीं हुए। जिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए अदालत ने सारी कार्यवाहियों का जिक्र करते हुए पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर दरोगा के खिलाफ कार्यवाही करते हुए आगामी 4 अप्रैल के लिए आख्या तलब की है।

रिपोर्ट- संतोष कुमार यादव

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