जंतर-मंतर पर आदिवासी अधिकार मंच का हुआ धरना, योगेन्द्र यादव, वृंदा करात, अखिलेन्द्र हुए शामिल…

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all india pepole front (AIPF)

नई दिल्ली- जंतर-मंतर पर आज आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (आईपीएफ) समर्थित आदिवासी अधिकार मंच की तरफ से धरने का आयोजन किया गया | इस धरने का नेत्रत्त्व आयोजित धरने व आमसभा में उठी | उ0 प्र0 सरकार के पूर्व मंत्री विजय सिंह गोंड़ ने और संचालन आइपीएफ के उ0 प्र0 के महासचिव दिनकर कपूर ने किया | इस धरने व आम सभा में आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह, स्वराज इण्ड़िया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र यादव, सीपीआई (एम) पोलित ब्यूरो सदस्य का0 वृंदा करात, पूर्व आईजी व आइपीएफ के राष्ट्रीय प्रवक्ता एस0 आर0 दारापुरी समेत जनवादी आंदोलन के तमाम नेता शामिल हुए |

धरने व आम सभा में शामिल नेताओं का आरोप है कि मोदी सरकार ने उ0 प्र0 के आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए लम्बित विधेयक संसद में वापस लेकर उन्हें चुनाव लड़ने तक के लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित कर दिया है | धरने में शामिल नेताओं ने मांग की कि, "मोदी सरकार तत्काल अध्यादेश लाकर उ0 प्र0 की दुद्धी व ओबरा विधानसभा सीट आदिवासियों के लिए आरक्षित करें |

आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (आईपीएफ) की तरफ से आयोजित इस धरने व आम सभा में उत्तर प्रदेश से आदिवासी, किसान और मजदूरों ने हजारों की संख्या में हिस्सा लिया | धरने में प्रस्ताव पारित कर मांग की गयी कि मोदी सरकार तत्काल अध्यादेश लाकर दुद्धी व ओबरा विधानसभा सीट आदिवासी समाज के लिए आरक्षित की जाए और सम्पूर्ण उ0 प्र0 में सभी आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया जाए तथा वनाधिकार कानून के तहत आदिवासियों और वनाश्रितों को जमीन पर अधिकार मिलें |

धरने में उठा जम्मू कश्मीर का भी मुद्दा -
धरने में जहाँ एक तरफ आदिवासियों के लिए आरक्षण का मुद्दा उठाया गया तो वही दूसरी तरफ धरने में प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि मोदी सरकार अपने कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर की समस्या को हल करने में पूरी तरह से विफल रही है | धरने व आम सभा के दौरान केंद्र सरकार पर आरोप लगाया गया कि मोदी सरकार अपनी
दमनात्मक नीतियों पर पुनर्विचार करने की जगह केंद्र सरकार देश भर में उन्माद पैदा करने की कोशिश कर रही है | धरने द्वारा जम्मू-कश्मीर की जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने, आफ्स्पा (एएफपीएसए) जैसे काले कानून को वापस करने और फर्जी मुठभेडों में मारे गये लोगों को मुआवजा देने और जम्मू-कश्मीर में न्याय व कानून के शासन को स्थापित करने की मांग की गयी |

मोदी सरकार ने लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है -
धरने व आम सभा के दौरान प्रस्ताव पारित कर कहा गया है कि मोदी सरकार ने देश में लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है | धरने के दौरान कहा गया है कि असहमति और विरोध की हर आवाज को बलपूर्वक दबा देने तथा अभिव्यक्ति की आजादी को छीन लेने की कोशिश हो रही है | धरने में रोजगार के अधिकार पर लिए प्रस्ताव में कहा गया कि रोजगार को मौलिक अधिकार बनाया जाए | धरने को पूर्व सांसद राम निहोर राकेश, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता राकेश, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष लाल बहादुर सिंह, अखिल भारतीय गोंड़ महासभा के अध्यक्ष राजेश गोंड़, गोंड़वाना स्टूडेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविन्द गोंड, रामजी
गोंड़, मुनीजा खान, नसीम खान, मुक्ति तिर्की, राजमंगल गोंड़, अजीत सिंह यादव, राजेश सचान, मनोज शाह, विजय सिंह मरकाम, सुरेन्द्र पाल, रवि कूुमार गोंड़, अंजनी पटेल, परमेश्वर कोल, अरूण गोंड़ आदि ने सम्बोधित किया |

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