पत्रकारों के उत्पीड़न को लेकर उपजा द्वारा आयोजित किया गया प्रांतीय पत्रकार सम्मेलन

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रायबरेली- यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन रायबरेली इकाई द्वारा आयोजित प्रांतीय पत्रकार सम्मेलन में पूरे प्रदेश से आए हुए पत्रकारों द्वारा पत्रकारों के हित में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन किया गया कि जिस प्रकार आप की सरकार गरीबों और वंचितों उसके हित में प्रयासरत है। ठीक उसी प्रकार आप पत्रकारों की समस्या पर भी सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करें। पत्रकारों के कई प्रस्ताव रहे-1 यह की वर्तमान समय में निष्पक्ष पत्रकारिता मैं समस्याएं उत्पन्न होती हैं जिसमें पत्रकारों की जान जोखिम में रहती है।

2- पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे युवकों बुजुर्गों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ता है। जिस प्रकार हरियाणा सरकार व उत्तराखंड सरकार द्वारा युवा पत्रकारों को निष्पक्ष पत्रकारिता हेतु ₹5000 मासिक भत्ता और वरिष्ठ पत्रकारों को ₹10000 मासिक पेंशन दी जा रही है ठीक उसी प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार भी पत्रकारों के प्रति सहानुभूति रखते हुए यह योजना लागू करें।

3- बड़ी संख्या में बेरोजगार शिक्षक युवक पत्रकारिता से जुड़कर समाज सेवा में लगे हुए हैं उन पत्रकारों को ना तो किसी प्रकार का सरकारी मानदेय मिलता है ना ही आवागमन हेतु परिवहन सुविधा मिलती है, न स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो रही है। सरकार से आग्रह किया गया निशुल्क परिवहन सुविधा के साथ ही निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए कार्ड जारी करें।

उससे भी बड़ा खतरा है अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का। इन चैनलों या मीडिया हाउसेस के मालिकों पर जब सरकारी एजेंसियां शिकंजा कसती हैं तो मालिक अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर तो हो-हल्ला मचाते हैं। पर, जब कॉन्ट्रेक्ट सिस्टम को आधार बनाकर अपने पत्रकारों व कर्मचारियों को रातोरात निकाल देते हैं तब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कहां खो जाती है। आज पत्रकारों की नौकरियां सुरक्षित नहीं हैं।

वैसे तो हर सरकार रोजगार देने को चिंतित दिखाई देती है। पर, इतने मीडिया वालों की नौकरी चली जाती है, लेकिन उनके रोजगार के कोई इंतजाम नहीं किए जाते हैं। उनके भी परिवार और जीवनयापन के खर्च हैं। मेरा मानना है कि अगर ऐसा कोई फंड बने तो उसमें मीडिया इंडस्ट्री या मीडिया हाउसेस का योगदान भी होना चाहिए। सरकार को मीडिया कंपनियों के साथ मिलकर ऐसा करना चाहिए। हां, एक बात और अगर बेरोजगारी भत्ता अन्य लोगों को मिलता है तो पत्रकारों को भी मिलना चाहिए। हमारे देश में बहुत से ऐसे मीडियाकर्मी हैं जिनकी नौकरी एकाएक किसी न किसी कारण से चली जाती है।

आपको बता दें आज के कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष पूर्णिमा श्रीवास्तव ने पत्रकारों का हौसला बढाते हुए कहा हम हर जगह आपके साथ खड़े है और यह भी दावा किया कि जल्द ही हम जिले में एक उपजा मीडिया सेन्टर का निर्माण कार्य शुरू कराने की कोशिश करेंगे। कार्यक्रम के दौरान इस मौके पर उत्तर प्रदेश जॉर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ जी सी श्रीवास्तव, प्रांतीय कोषाध्यक्ष अरुण जायसवाल,प्रान्तीय महामंत्री रमेशचंद्र जैन , सम्मेलन संयोजक/ प्रांतीय उपाध्यक्ष राधेश्याम लाल कर्ण और कुछ पत्रकार जैसे सूरज यादव,महेश त्रिवेदी, आलोक पांडे, आशुतोष मिश्रा, बबलू सिंह अंगारा,रोहित मिश्र,माधव सिंह,दुर्गेश सिंह,हर्षित द्विवेदी,आनंद कर्ण आदि पत्रकार मौजूद रहें।

रिपोर्ट – हर्षित द्विवेदी

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