पब्लिक भी खंगाल रही है भ्रष्ट अफसरों की कुंडली

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प्रतीकात्मक फोटो

देहरादून (ब्यूरो) उत्तराखंड राज्य का गठन सूबे के विकास के लिए हुआ था। लेकिन यह उत्तराखंड का दुर्भाग्य है कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य को भ्रष्टाचार का दीमक लगता जा रहा है। भ्रष्टाचार ने अपने गिरफ्त में प्रदेश के अफरशाहों को भी ले लिया है। जिस में उत्तराखंड के भ्रष्ट अफसरों की जमात काफी लंबी है। भ्रष्ट अफसरों को लेकर दो दिन के भीतर विजिलेंस ऑफिस में 20 से ज्यादा लोगों ने कॉल कर जानकारी दी है। इनमें अधिकांश वे अफसर हैं, जिनके नाम राज्य में अकूत संपत्ति है। इसके अलावा व्हाट्सएप नम्बर पर भी कुछ लिखित शिकायतें मिली हैं। राज्य कर्मचारियों की शिकायत को विजिलेंस ने अपनी जांच में शामिल कर लिया है।

लोगों ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ की शिकायत
राज्य में अकूत संपत्ति वाले 63 अफसरों के राडार पर होने की मीडिया में आने के बाद बड़ी संख्या में लोग विजिलेंस को शिकायतें करनी लगे हैं। विजिलेंस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो दिन के भीतर करीब 20 लोगों ने फोन कर गढ़वाल, कुमाऊं और देहरादून में अकूत संपत्ति के मालिक कुछ भ्रष्ट अफसरों के बारे में जानकारी दी है।

राज्य कर्मियों की शिकायत को विजिलेंस ने किया जांच में शामिल
इनमें कुछ अफसरों के खिलाफ जांच भी चल रही है। विजिलेंस ने उनकी संपत्तियों के बारे में डिटेल मांगी गई है। इसके अलावा विजिलेंस के व्हाट्सएप नम्बर पर 10 से ज्यादा भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें मिली हैं। इनमें राज्य, केन्द्रीय अफसर और कर्मचारी शामिल हैं। विजिलेंस ने राज्य कर्मियों की शिकायत को अपनी जांच में शामिल कर दिया है। जबकि केन्द्रीय कर्मियों की शिकायतें सीबीआई को भेजने की बात कही है। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के आरोप कई अधिकारियों पर पहले भी लग चुके हैं। विजिलेंस की कार्रवाई में पहले भी कई अफसर गिरफ्त में आ चुके है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस के रडार पर राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारी भी है। जिन के खिलाफ लोगों ने शिकायत की है। यदि आप को भी किसी भ्रष्ट अधिकारी की शिकायत करनी हो तो विजिलेंस के टोल फ्री नम्बर-1800 180 6666 तथा व्हाट्सएप नम्बर- 9456592300 पर शिकायत कर सकते हैं।

रिपोर्ट शादाब

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