पुजारी के कारनामे का हुआ खुलासा, करता था धर्म के नाम पर वसूली

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कबरई/महोबा(ब्यूरो)- कबरई से कुछ किलोमीटर की दूरी पर एक गांव है, जो कि कहरा थाना खन्ना के नाम से जाना जाता है| गांवो की क्या स्थिति है, क्या चल रहा है तथा वहाँ के प्रधान क्या कर रहे है? गांवो मे ऐसी घटना तथा धर्म के नाम पर खिलवाड़ होना यह तो मामूली बात बन गई है, जिसका खामियाजा आम जनता झेलती है। ऐसी ही एक गंभीर घटना है, जो कि गायो की आकस्मिक मृत्यु का कारण बनी|

खबर मिली तो उसी गांव कहरा थाना खन्ना जानकारी प्राप्त करने बजंरग दल एंव हिन्दू युवा वाहिनी के सभी कार्यकर्ता पहुंचे और वहाँ का जायजा लिया जो सच साबित हुआ। दोनों दल के कार्यकर्ता ने छानबीन कर जानकारी जुटाई तो पता लगा कि उसी गांव मे एक मन्दिर है जो भगवान श्री जटाशंकर महाराज जी के नाम से जाना जाता है, जो कि जटाशकंर तालाब के किनारे बना है उसी मन्दिर के नाम से तालाब का वही नाम कर दिया गया तो वहाँ पर मन्दिर के पुजारी है जिन्होने 25 मई से कृष्ण रासलीला प्रवचन व विशाल भंडारा का आयोजन किया था, जिसका भंडारा 5 जून को किया गया, उसी भंडारे मे बचा कच्चा आटा जिसे गायों को खिला दिया गया और कच्चा आटा खाने से 9 गायो की उसी स्थान के आस पास मृत्यु हो गई|

यह सुनकर भडके हिन्दू युवा वाहिनी तथा गायों के विशेष प्रेमी बजंरग दल पहुंचे और पुजारी व गांव के लोगो से पूछताछ की| इसी बीच वहाँ के पुजारी जी पर भी गांव के कुछ लोगो ने गंभीर आरोप लगा उनकी कुंडली खोल दी तथा यह भी जानकारी मिली की पुजारी जी धर्म के नाम पर वसूली करते है तथा गलत संदेश फैलाते है| जब वहाँ के वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि श्रीमती शैलजा पत्नी कुलवीर सिंह है मौके पर कुलवीर सिंह के भाई मौजूद थे तो उनसे गायो की मौत के बारे मे पूछा गया तो कहने लगा प्रधान प्रतिनिधि के भाई की हम किस किस की जानकारी ले, इतना समय थोड़ी है हमारे पास और हमे इस घटना की जानकारी ही नहीं है कि यहाँ गायों की मृत्यु हो गई है। यानी गांव के प्रधान को इस घटना की जानकारी नहीं और बाहर जानकारी हो गई और सब पहुंच गऐ बडे दुख की बात है।

इन सब गायों की मौत का जिम्मेदार कौन है?

खैर इस घटना को संगीन व पुजारी जी के कारनामे से परेशान दो दोनों दलो ने खन्ना थाने मे सूचना दी तथा वहाँ मौके पर हिन्दू युवा वाहिनी के मडंल प्रभारी आशीष महाराज तथा महोबा सिटी सी ओ जीतेन्द्र दुबे जी व खन्ना थाना एस ओ सुरेन्द्र शुक्ला जी अपनी टीम के साथ पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया तथा गायो के शव का पशु चिकित्सक द्वारा उनका पोस्टमार्टम करवा गया| इसके बाद उन्हें दफना दिया गया तथा पुजारी जी पर दोनों दलो ने लिखित शिकायत दर्ज कर उस पर कार्यवाही की अपील की तथा गायो की मौत का जिम्मेदार ठहराया|

गांव के कुछ लोगो का कहना है कि बाबा धर्म के नाम पर गलत संदेश व वसूली का कार्य करता है। एक तरफ सूबे के मुख्यमंत्री प्रदेश को बदलने मे लगे है और इसलिए वह स्वंय तथा अपने मन्त्री को भी जनता के बीच जाने और समस्या सुनने का आदेश जारी किया है लेकिन गांवो मे थोड़ी ही कोई मन्त्री पहुंच पाते है इसलिए गांव की समस्या का जायजा लेना प्रधान का काम होता है जब वही कहे की मै किस किस की समस्या देखू मेरे पास समय नहीं है तो फिर क्या होगा गांव का इस पर किसी का ध्यान नहीं।

रिपोर्ट- प्रदीप मिश्रा

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