मारपीट करने के जुर्म में दो को सुनाई सजा

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आजमगढ़ (ब्यूरो)- दीवानी न्यायालय के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धीरेंद्र कुमार ने मंगलवार को मारपीट के मामले की सुनवाई करते हुए एक आरोपी को दोषसिद्ध पाया। अदालत ने उसे सात साल का कारावास तथा 16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

मामला अहरौला थाना क्षेत्र के पारा गांव का है। वादी मुकदमा शेखूराम पुत्र रामकुबेर धरिकार ने गत 31 दिसंबर 1987 को थाने मे रिपोर्ट दर्ज कराई कि पुरानी रंजिश को लेकर विपक्षी दुर्बल्ली व उसका पुत्र शिवमन तथा शिवधन आदि ने उसकी पत्नी चंद्रावती व भतिजे विजयप्रताप पर हमला कर दिया। घटना में हमलावरों ने लाठी व धारदार हथियार का प्रयोग किया।

पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इस मामले में कुल पांच गवाह न्यायालय में उपस्थित हुए। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट प्रथम हितेश अग्रवाल की अदालत में हुई और आरोपियों को दोषी पाया गया। मुकदमे की गंभीरता को देखते हुए सजा के ¨बदु पर सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में हुई।

सुनवाई पूरी करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धीरेंद्र कुमार ने आरोपी शिवमन को सात साल की कारावास तथा 16 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मुकदमे के दौरान अभियुक्त दूर्बल्ली की मृत्यु हो गई तथा अभियुक्त शिवधन नाबालिग घोषित कर दिया गया।

रिपोर्ट-संदीप त्रिपाठी संगम

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