लाखों के लगे संगमरमर पर आराम फरमा रहे हैं जानवर

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वाराणसी (ब्यूरो) – जिला प्रशासन व सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए नगर के गुंडों तालाबों पर किए जा रहे सुंदरीकरण के कार्य को पुष्कर तालाब दिखा रहा है आइना 4:30 करोड़ की लागत से बन रहे पुष्कर तालाब का कार्य विगत कई वर्षों से रुका हुआ है तालाब पर जो भी काम हुआ है और भी धीरे-धीरे नष्ट हो रहा है तालाब के सीढियों पर लगे लाखों के संगमरमर पर गाय भैंस बांधी जा रही है व गोबर पाथा जा रहा है। तालाब जलकुंभी उसे पटा हुआ है विगत कई वर्षों से जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तो इस तालाब की सुध तक नहीं ली है |

कुंडो तालाबों के संरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे जागृति फाउंडेशन के महासचिव रमेश मिश्र ने बताया कि धर्म शास्त्रों में वर्णित पुष्कर तालाब तलाब पर कथा मर्मज्ञ मुरारी बापू पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा सहित देश के आला समाजसेवी और अधिकारियों ने श्रमदान कर इस तालाब को जीवंत किया । 10 वर्ष पूर्व तालाब के सुंदरीकरण के लिए इस तालाब के सुंदरीकरण के लिए 4:30 करोड़ रुपया पास हुआ। 3 करोड़ का कार्य भी हुआ है लेकिन उसके बाद तालाब का काम रोक दिया गया और तभी से तलाब व्यवस्था का शिकार है तालाब के चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है।

रामयश मिश्र ने कहा कि एक तरफ तो केंद्र और राज्य सरकार जल संरक्षण के लिए तालाबों को सहेजने की बात कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण के स्त्रोतों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है । रामयश मिश्र ने कहा की पानी ही जिंदगानी है जल है तो कल है इससे जिला प्रशासन मुंह चुरा रहा है और हमारा समाज भी इसकी अनदेखी कर रहा है । अगर यही स्थिति रही तो नगर के बचे कुचे तालाब भी खत्म हो जाएंगे।

रिपोर्ट – गौरव अग्रहरि

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