खुद के पैसों के लिए भी भिखारियों की तरह लाइन लगाने को मजबूर देशवासी

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बीघापुर उन्नाव : अपनी खून पसीने की कमाई लोग बैंको में इस लिए जमा करते है की वक्त और मुसीबत में काम आए दिन रात मेहनत के द्वारा कमाया हुआ अपना ही पैसा बैंको से लेने के लिए भिखारियो की तरह लाइन लगानी पड़े और घण्टो लाइन लगाने के बाद दुत्कार के साथ कहा जाए आज पैसा नही मिलेगा स्वयं के खाते में पैसा होने के वावजूद कफन और अंतिम संस्कार के लिए लोगो के सामने गिड़गिड़ाना पड़े तो यह हिटलर शाही और तानाशाही नही है तो और क्या है ?

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हम बात कर रहे है सरकार की ब्यवस्था और बैंको की कार्यप्रणाली की बीघापुर थाना क्षेत्र की ग्राम सभा दूबेपुर की रहने वाली बिन्दादेवी उम्र लगभग 50 वर्ष पत्नी बुध्धी लाल जो पैरो से विकलांग है शुक्रवार को आर्यावर्त बैंक सिकन्दरपुर कर्ण अपना पैसा निकालने गई थी लाइन में दिन भर खड़े रहने के बाद शाम को बैंक मैनेजर अलोपी प्रसाद के द्वारा बैंक में पैसा खत्म होने की बात कह कर लौटा दिया गया शनिवार को फिर बिन्दावती अपनी पुत्री बिटाना और दामाद दयाराम के साथ बैंक पैसा निकालने आई थी और अपनी बारी के इन्तजार में लाइन में खड़ी थी दोपहर लगभग 12 बजे लाइन में खड़े खड़े जमीन पर गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई पुलिश ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है मृतका के 5 पुत्रिया थी जिनमे 4 की शादी हो गई है और एक पुत्र सुरेश जो दो दिन पहले दिल्ली अपनी रोजी रोटी के जुगाड़ के लिए नोकरी करने गया है थाना प्रभारी बीघापुर ब्रजमोहन ने 1000 हजार रूपए तथा दूबेपुर प्रधान अजय तिवारी ने 4000 हजार रूपए अंतिम संस्कार के लिए मृतका की पुत्री बिटाना को दिए है क्षेत्र के लोग थाना प्रभारी और प्रधान को जहा धन्यवाद दे रहे है वही सरकार की धन निकासी की इस प्रक्रिया को कोष रहे है |

रिपोर्ट – मनोज सिंह

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