रामनाथ कोविंद के लिए आर ए कोविद का संदेश

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सुल्तानपुर(ब्यूरो)- भाजपा रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाकर एक तीर से दो निशाना साधना चाहती है| एक दलित राष्ट्रपति के रूप में उनसे डॉक्टर अंबेडकर द्वारा रचित संविधान की समीक्षा का दरवाजा खोल पाएगी, दूसरा अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के लोगों को संविधान में प्राप्त आरक्षण को खत्म कर देना चाहेगी| रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने से अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के लोगों का कोई भला नहीं होगा|

उक्त प्रक्रिया हमारी आखिरी आजादी के संपादक एवम चर्चित अंबेडकरवादी विचारक आर ए कोविद ने एक प्रेस विज्ञाप्ति में व्यक्त की है श्री गोविंद ने कहा कि भाजपा ने दलित कार्ड खेला और मीरा कुमार को भी दलित हैं और महिला भी जिन्हें विपक्ष ने खड़ा किया मीरा कुमार का नाम आने से रामनाथ कोविंद को मैदान से हट जाना चाहिए था और महिला का स्वागत कर दलितों का सिर ऊंचा कर देना चाहिए था| ऐसा करने से रामनाथ कोविंद का कर बहुत ऊंचा हो जाता और अनुसूचित जाति के लोगों भी गर्व महसूस करते श्री कोविद ने कहा कि संख्या बल के आधार पर रामनाथ कोविंद का राष्ट्रपति बनना तय है किंतु नैतिकता का बल नहीं होने से वह चुनाव हार गए हैं, आज नारी को ऊंचा उठाने की बात हो रही है|

भाजपा नारी उत्थान की बात करती है किंतु वह आज अपने आदर्शों को रौंदती हुई दिखाई पड़ती है भाजपा को चाहिए था कि मीरा कुमार का सम्मान करती है और रामनाथ कोविंद को चुनाव मैदान से हटा लेते श्री कोविद ने कहा कि भाजपा और रामनाथ कोविंद के पास मौका अभी भी है देश के लोगों का प्यार पाने के लिए वह चुनाव मैदान से हटकर मीरा कुमार को राष्ट्रपति बनने दें| श्री कोविद ने राष्ट्रपति पद के लिए सूचीबद्ध मतदाताओं से अपील किया है कि एक दलित महिला को राष्ट्रपति बनने के लिए अपना वोट दे।

रिपोर्ट- संतोष यादव

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