राज्यमंत्री ने जिला अस्पताल में रक्तदान करने को जागरूक किया

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चिचौली/औरैया (ब्यूरो)- उत्तर प्रदेश सरकार के मा0 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष, अभाव सहायता एवं पुर्नवास विभाग एवं प्रभारी मंत्री औरैया डा धर्म सिंह सैनी जी ने आज जनपद के चिचैली स्थित 100 सैयां अस्पताल में रक्तदान शिविर का उद्घाटन फीता काटकर किया।

कार्यक्रम की शुरूआत पं0 दीनदयाल उपाध्याय व डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्र्यापण कर हुआ। रक्तदान शिविर में दर्जनों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चन्द्रकांती मिश्रा, डा अनिल सिंह गौर के नेतृत्व में रक्तदान किया। आईएमओ के जिलाध्यक्ष वरिष्ठ चिकित्सक डा अशोक गर्ग ने चिकित्सक डा गिरीराज अग्रवाल, डा शिवम अग्रवाल, डा अपूर्व अग्रवाल के साथ रक्तदाताओं को जूस व फल वितरित किये।

इसके अतिरिक्त डा सर्वेश आर्य व डा सुधीर तिवारी ने भी रक्तदाताओं को फलों का वितरण किया। इस मौके पर 1995 रक्तदाताओं की डायरेक्ट्री भी बनायी गयी, जो आपदा के समय रक्त दान करने के लिए तैयार रहेगें। रक्तदान करने वालों में प्रमुख रूप से विस्तारक नीरज बाजपेयी, जिलाउपाध्यक्ष रजनीश पाण्डेय, जिला मीडिया प्रभारी बृजेश बन्धु, मन्नू तोमर, अबधेश सिंह टिंकी, श्याम चैबे, आदि प्रमुख रहे।

इस दौरान जिला उपाध्यक्ष ललिता दिवाकर, पुष्पा आदि ने सभी रक्तदाताओं को फल बाॅटे। इसके बाद खुले में शौच से आजादी कार्यक्रम की रैली को हरी झण्डी दिखाकर मा0 सैनी जी ने रवाना किया। इसके बाद एलजी गार्डन में जिला संगोष्ठी कार्यक्रम में मंत्री जी शामिल हुयें। संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुये सदर विधायक रमेश दिवाकर ने महान चिन्तक और संगठनकर्ता पं0 दीनदयाल उपाध्याय के बारे में, उनके स्वप्न के बारे में बताया।

उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद जैसी प्रगतिशील विचारधारा दी। विधायक दिबियापुर लाखन सिंह राजपूत ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि पं0 दीनदयाल उपाध्याय के स्वप्नों को साकार करने के लिए हमें कठिन परिश्रम करना होगा, तभी उनके अंत्योदय का स्वप्न साकार हो पायेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा लगातार जो कार्यक्रम दिये जा रहे है उनसे नयी ऊर्जा मिलती है। विधायक विधूना विनय शाक्य ने कहा कि भारत सरकार ने जो योजनायें लागू की है वह सभी गरीबों के लिए है।

पार्टी द्वारा रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण सहित अन्य कार्यक्रम भी लोगो तक पहुॅचने का एक जरिया है। हम समाजिक कार्य कर के भी लोगो तक अपनी पहुॅच बना सकते है। अब से पूर्व किसी भी राजनैतिक दल ने इस प्रकार से अपनी सोच नहीं रखी। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष कानपुर बुन्देलखण्ड क्षेत्र पर्वत सिंह ने कहा कि जनसंघ के राष्ट्रजीवन दर्शन के निर्माता पं0 दीनदयालजी का उददेश्य स्वतंत्रता की पुर्नरचना के प्रयासों के लिए विशुद्व भारतीय तत्व-दृष्टी प्रदान करना था। उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद जैसी प्रगतिशील विचारधारा दी। पंण्डित जी जनसंघ के आर्थिक नीति के रचनाकार है।

आर्थिक विकास का मुख्य उददेश्य सामान्य मानव का सुख है या उनका विचार था। प्रदेश मंत्री/जिलाध्यक्ष गीता शाक्य ने बताया कि भारतीय जनसंघ की स्थापना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा वर्ष 1951 में किया गया एवं दीनदयाल उपाध्याय को प्रथम महासचिव नियुक्त किया गया. वे लगातार  दिसंबर 1967 तक जनसंघ के महासचिव बने रहे। इसके बाद मुख्य अतिथि धर्म सिंह सैनी ने कहा कि पं0 दीनदयाल द्वारा स्थापित ‘एकात्म मानववाद’ की अवधारणा पर आधारित राजनितिक दर्शन भारतीय जनसंघ (वर्तमान भारतीय जनता पार्टी) की देन है।

उनके अनुसार ‘एकात्म मानववाद’ प्रत्येक मनुष्य के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा का एक एकीकृत कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में भारत पश्चिमी अवधारणाओं जैसे- व्यक्तिवाद, लोकतंत्र, समाजवाद, साम्यवाद और पूंजीवाद पर निर्भर नहीं हो सकता है। उनका विचार था कि भारतीय मेधा पश्चिमी सिद्धांतों और विचारधाराओं से घुटन महसूस कर रही है, परिणामस्वरूप मौलिक भारतीय विचारधारा के विकास और विस्तार में बहुत बाधा आ रही है। मुख्य वक्ता के रूप में औरैया की जमीं से जुड़े प्रदेश महामंत्री/पूर्व विधायक सलिल विश्नोई ने कहा कि पं0 दीनदयाल उपाध्याय की अवधारणा थी कि आजादी के बाद भारत का विकास का आधार अपनी भारतीय संस्कृति हो, न की अंग्रेजों द्वारा छोड़ी गयी पश्चिमी विचारधारा।

हालांकि भारत में लोकतंत्र आजादी के तुरंत बाद स्थापित कर दिया गया था, परंतु दीनदयाल उपाध्याय के मन में यह आशंका थी कि लम्बे वर्षों की गुलामी के बाद भारत ऐसा नहीं कर पायेगा। उनका विचार था कि लोकतंत्र भारत का जन्मसिद्ध अधिकार है न की पश्चिम (अंग्रेजों) का एक उपहार। वे इस बात पर भी बल दिया करते थे कि कर्मचारियों और मजदूरों को भी सरकार की शिकायतों के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। उनका विचार था कि प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करना प्रशासन का कर्तव्य होना चाहिए। उनके अनुसार लोकतंत्र अपनी सीमाओं से परे नहीं जाना चाहिए और जनता की राय उनके विश्वास और धर्म के आलोक में सुनिश्चित करना चाहिए।

उन्होंने आज के दौर की राजनीति पर जमकर हल्ला बोला। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व का एजेण्डा तैयार करने का कार्य हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी कर रहे है और यह हम देशवासियों के लिए अत्यन्त ही गौरव का विषय है। उन्हेानें कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी ने पहले जन-धन योजना के तहत शून्य धनराशि से खाते खुलवाये तब यह कोई नहीं जानता था कि इसका क्या उपयोग होगा, किन्तु उनके इस कदम के बाद से सभी सरकारी छूट का लाभ सीधे आम जनता को होने लगा क्योंकि इससे बिचैलियो की दुकान बन्द हो गयी। अपने ओजस्वी उद्बोधन से श्री विश्नोई ने उपस्थित जनसमुदाय की खूब तालियां बटोरी।

कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक गिरीश तिवारी ने सभी का आभार व्यक्त किया। इसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता व अध्ािवक्ता आनन्द दुवे के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रख उनकी आत्मा की शान्ति व दुःखी व संत्पत परिवार को धैर्य धारण ईश्वर से प्रार्थना की। काय्र्रक्रम का सफल संचालन प्रेमकुमार गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला विस्तार नीरज बाजपेयी, श्रीराम मिश्रा, अमरचन्द्र राठौर, विशम्भर सिंह भदौरिया, धर्मेन्द्र सिंह चैहान, राजेश पाण्डेय, श्रीकांत पाठक, राजकुमार दुवे, रामजी दिवाकर, मदन पाण्डेय, नरेन्द्र त्रिपाठी, सोनू सोनी, विशाल, असित, सहित सैकड़ो पार्टी कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रभारी मंत्री कौशल किशोर राजपूत के प्रतिष्ठान स्वराज एजेन्सी पर भी रूके।

रिपोर्ट- मनोज कुमार

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