रामचरित मानस में समाहित है सत्यम शिवम सुन्दरम के भाव: विनय कुमार 

प्रतीकात्मक

मुगराबादशाहपुर/जौनपुर(ब्यूरो)- गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित राम चरित मानस में सत्यम् शिवम् सुन्दरम् के पूरे भाव समाहित है| उक्त बाते रविवार को स्थानीय काली जी मंदिर परिसर मे आयोजित तुलसी जयंती के अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य विनय कुमार गुप्त ने अपने सम्बोधन मे कहा| उन्होने कहा की गोस्वामी जी द्वारा रचित राम चरित मानस एक काव्य नही बल्कि विश्व बन्धुत्व का संदेश वाहक भी है| यही एक ग्रन्थ ऐसा है जिसमे सभी समस्यायो का समाधान है|

विहिप के जिला उपाध्यक्ष हनुमानदीन गुप्त ने कहा कि राम चरित मानस की चौपाइयां जीवन का अमूल मंत्र है| गोस्वामी जी हिन्दी साहित्य के सूर्य थे| हिन्दी साहित्य गोस्वामी जी का ऋणी है| इस अवसर पर चन्द्र शेखर पाण्डेय, कृष्ण गोपाल जायसवाल, राम चन्द्र मिश्र, रमा कान्त अम्बर, पूर्व सभासद बृजेश कुमार गुप्त, राम निरंजन पाठक आदि ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए गोस्वामी जी के जीवन पर विस्तृत प्रकाश डाला| इस अवसर पर विजय कुमार पाण्डेय, रतन लाल जायसवाल, सिद्धार्थ त्रिपाठी, बृज नाथ तिवारी, रमा शंकर शास्त्री सहित दो दर्जन से अधिक लोग उपस्थित रहे| कार्यक्रम की अध्यक्षता सिया राम पाण्डेय व संचालन शीतला मिश्र ने किया |

रिपोर्ट- डॉ. अमित कुमार पाण्डेय 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here