बालिका के लिए देवदूत बने रायबरेली जीआरपी थानाध्यक्ष

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रायबरेली(ब्यूरो)- रेलवे अपर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के श्री बी के मौर्य, पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग लखनऊ सौमित्र यादव के द्वारा चलाया जा रहा अभियान ऑपरेशन स्माइल के अंतर्गत सीओ रेलवे लखनऊ प्रथम श्रीमती अमिता सिंह के मार्गदर्शन में जीआरपी थाना अध्यक्ष रायबरेली चंद्रहास मिश्रा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसमें बाल कल्याण अधिकारी श्रीमती कंचन सिंह व आरक्षी प्रेम प्रकाश के द्वारा चेकिंग करते समय रेलवे स्टेशन में एक मूक बधिर बालिका जिसकी उम्र 17 वर्ष के लगभग थी बैठी हुई थी| पूछताछ में पता चला कि वह कुछ बोल नहीं सकती है और न समझ सकती है| जिसको लेकर पूछताछ के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी से विशेष शिक्षक की जीआरपी थाना अध्यक्ष ने मांग की, जिसके बाद वहां से आए शिक्षक शैलेंद्र मौर्य द्वारा बालिका से साइन लैंग्वेज में बात की गई लेकिन पता चला कि वह लड़की अनपढ़ है| वह यह भाषा समझ नहीं सकती लेकिन तलाशी के दौरान बालिका के बैग से बंगाली भाषा में एक वस्त्रालय का नाम पता पाया गया, जिसमें पता चला कि वह वस्त्रालय थाना काशीपुर साउथ कोलकाता पश्चिम बंगाल का है|

थाना अध्यक्ष ने काशीपुर कोलकाता के प्रकरण की जांच करते हुए उक्त बालिका की फोटो प्रेषित किया, जिसके बाद थाना अध्यक्ष काशीपुर कोलकाता द्वारा वस्त्रालय के आस-पास जानकारी की गई तो मालूम हुआ कि यह अज्ञात बालिका जिसका नाम नाम तामीना खातून पुत्री अबू बकर मुल्ला निवासी गर्दन कट काशीपुर थाना साउथ 24 परगना कोलकाता है | सही जानकारी मिली कि उक्त बालिका अपने पिता पर परिजनों के साथ देवा शरीफ बाराबंकी आई हुई थी जो कि 14/07/2014 को रेलवे स्टेशन बाराबंकी से बिछड़ गई थी| दिनांक 16 को रेलवे स्टेशन पहुंचे और बालिका को थानाध्यक्ष ने परिजनों को सुपुर्द किया | बालिका के परिजनों ने थानाध्यक्ष व उनकी टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि आप लोग न होते तो सायद मेरी बेटी को हम लोग कहाँ ढूढते ।

रिपोर्ट- अनुज मौर्य

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