रायबरेली की प्रमुख खबरें

जिले का अण्डर-14 क्रिकेट ट्रायल दूसरे दिन हुआ सम्पन्न
रायबरेली (ब्यूरो)- डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एषोसिएषन (आरडीसीए) की ओर से आयोजित उत्तर प्रदेष क्रिकेट एषोसिएषन के निर्देषन में जनपद रायबरेली का अण्डर-14 आयु वर्ग का दो दिवसीय क्रिकेट ट्रायल आज मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में पूरा हुआ। आज ट्रायल के दूसरे दिन सुबह से ही जनपद के अण्डर-14 आयु वर्ग के किषोर खिलाडियों का फिजिकल टेस्ट का ट्रायल भी लिया गया।

फिजिकल टेस्ट में पूर्व रणजी खिलाड़ियों वाली चयन समिति ने इन किषोर खिलाड़ियों की उनकी शारीरिक क्षमता का भी आंकलन किया तथा पूर्व रणजी खिलाड़ियों वाली चयन समिति के मुख्य चयनकर्ता एवं बीसीसीआई से अनुमोदित लेवल ‘‘ए‘‘ के क्रिकेट प्रषिक्षक अनुराग श्रीवास्तव ने विषेष रूप से ट्रायल के अन्त में खिलाड़ियों को फिजिकल टेस्ट के बाद क्रिकेट के विषेष टिप्स देते हुये इन किषोरों को क्रिकेट की बारीकियों की जानकारी की ब्रीफिंग भी की। चयन समिति द्वारा अण्डर-14 किषोर खिलाड़ियों की बैटिंग, मीडियम फास्ट बालिंग व स्पिन गेंदबाजी व विकेट कीपिंग में उनकी खेल प्रतिभा व उनकी खेल क्षमता तथा शारीरिक दक्षता के आधार पर जनपद के अण्डर-14 आयु वर्ग के किषोर प्रतिभाषाली 32 बैट्समैन, 18 मीडियम फास्ट बालर, 10 स्पिनर सहित 7 विकेट कीपरों को चयनित कर खिलाड़ियां को खेलने का मौका दिया है।

आरडीसीए के अवैतनिक सचिव मोहम्मद फहीम ने बताया कि चयन समिति द्वारा चयनित किये गये सभी 67 प्रतिभाषाली खिलाडी कल सांय 04.00 बजे तक मोतीलाल नेहरू स्टेडियम, रायबरेली में चयन समिति के मुख्य चयनकर्ता को रिपोर्ट करें। चयनित किये गये अण्डर-14 के प्रतिभाषाली खिलाडियों की बनने वाली टीमों का गठन चयन समिति द्वारा 18 मई को किया जायेगा

हरचंदपुर में बने कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था है राम भरोसे
रायबरेली के हरचंदपुर में बने कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे है। जिसका खुलासा तब हुआ जब विद्यालय में पढ़ने वाली तीन छात्राएं बाउंड्री पार कर भागने लगी। तभी विद्यालय में तैनात वार्डन ने दो छात्रों को पकड़ लिया, वहीं एक छात्रा भाग निकली। वार्डेन की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छात्रा की तलाश में जुटी और 8 घंटे के अंदर छात्रा को बरामद कर लिया।

दरअसल रायबरेली के बछरावां थाना क्षेत्र में स्थित कस्तूरबा विद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया। जब विद्यालय में पढ़ने वाली तीन छात्राएं अचानक बाउंड्री पार कर भागने लगी तभी दो छात्राओं को वार्डेन ने दौड़ा कर पकड़ लिया वहीं एक छात्र रिंका भागने में कामयाब रही। बताया जा रहा है कि रिका कुंडली थाना बछरावां गाव की रहने वाली है और विगत 10 मई 2018 को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कोजवा थाना बछरावां में प्रवेश लिया था। वार्डेन की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लापता छात्रा की तलाश में टीमे लगाकर कुछ ही घंटो में छात्रा को बरामद कर लिया।

कुव रिंका पुत्री राममनोहर निवासी ग्राम कुंडली थाना बछरावां जनपद रायबरेली करीब (10) विगत दस मई 2018 को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कोजवा थाना बछरावां में प्रवेश लिया था। 16 मई 2018 को समय करीब पाचं बजे बच्चों के खेलते वक्त विद्यालय की पीछे वाली बाउंड्री को फॉद कर भाग गई। इसकी वार्डन ने पकड़ने का प्रयास किया जिस में भाग रही दो लड़कियां पकड़ ली गई। किंतु रिंका पकड़ में नहीं आई इस सूचना पर थाना बछरावां जनपद रायबरेली पर अभियोग पंजीकृत करते हुए तत्काल गुमशुदा की तलाश हेतु टीमें रवाना कर दी गई। पुलिस द्वारा तत्परता से कार्यवाही करते हुए मात्र कुछ घंटों में ही गुमशुदा लड़की को ढूंढ लिया गया बच्ची स्वस्थ है और कोई घटना दुर्घटना की बात नहीं है आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रहे हैं।

ग्राम प्रधानों ने झूठे मुकदमों के विरूद्ध डीएम को दिया ज्ञापन
जिले के राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष भूपरन्द्र सिंह दीपू भईया के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को जनपद के ग्राम प्रधानों द्वारा फैसले पंचायत व विकास कार्य को करने के दौरान आयी समस्याओं व झूठे मुकदमें में फंसाकर अपमानित करने के संबंध में ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने वालों में शिव कंठ गुप्ता, सुधा देवी, रामसनेह, शिवभजन, रामकुमार, अमर यादव, प्रभा चौधरी, प्रेमशंकर आदि रहे।

ज्ञापन में कहा गया है कि जनपद की विभिन्न ग्राम सभाओं में ग्राम प्रधानों पर पंचायत करने के दौरान एवं ग्राम सभा में विकास कार्यों की अनियमितताएं होने की झूठी व भ्रामक शिकायतों पर ग्राम प्रधानों में समुचित पक्ष को सुने बगैर मनमाने तरीके से सक्षम अधिकारियों द्वारा हड़बड़ी में चार्जसीट लगायी गयी है जो जांच के दौरान पूरे तथ्यों को संकलित न करके खानापूर्ति करते हुए दोषी बनाया गया है जिसके संबंध में संगठन की तरफ से आपसे मिलने पर आप द्वारा आश्वासन दिया गया है कि उक्त सारे प्रकरणों पर ग्राम प्रधानों के साथ न्याय करूंगा एवं स्वतः संज्ञान में लूंगा। विकास खण्ड व तहसील डलमऊ की ग्रामसभा गाम भनवे ग्राम घुरवारा एवं चकमलिक भींटी के ग्राम प्रधानों को आप द्वारा स्वतः संज्ञान में लेकर पुनः विवेचना करवाकर अविलम्ब न्याय दिलाया जाए।

मानव जीवन में अध्यात्म और एक्यूप्रेषर दोनों आवष्यक : आरबी सिंह
मनुष्य के जीवन में जितना धर्म और अध्यात्म का महत्व है, उतना ही एक्यूप्रेषर दैनिक जीवन में आवष्यक है, यह विचार स्थानीय अभिसूचना इकाई के निरीक्षक आरबी सिंह ने व्यक्त किये। वे मदर टरेसा विद्यालय बस्तेपुर में आयोजित एक्यूप्रेषर चिकित्सा षिविर में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जहां धर्म और अध्यात्म हमें जीवन जीना सिखाता है, वहां एक्यूप्रेषर का हम यदि दैनिक जीवन में प्रयोग करें तो बिना कुछ खर्च किए ही स्वस्थ रह सकते हैं।

विषिष्ट अतिथि के रुप में बोलते हुए समाजसेवी महेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि एक्यूप्रेषर प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है जो हमें कम समय और कम खर्च में स्वस्थ रहना सिखाती है। इस अवसर पर समाज सेविका गायत्री कसौंधन ने कहा कि सात वर्षों से लगातार एक्यूप्रेषर चिकित्सा पद्धति को अपना रही है। इसी के साथ अन्य लोगों को भी इसके लाभों से परिचित कराने का कार्य भी करती है। इसके पूर्व सभी ने द्वीप प्रज्वलित कर गोष्ठी का शुभारम्भ किया। सुप्रसिद्ध एक्यूप्रेषर चिकित्सक व गायत्री आरोग्य केन्द्र रिफार्म क्लब के प्रभारी डा. भगवानदीन यादव ने बताया कि एक्यूप्रेषर का हमारे जीवन में बहुत महत्व है।

हम सभी अनजाने में अक्सर अपने हाथ पररों को दूसरे से दबवाने का कार्य करते हैं, इससे थोड़ा लाभ भी होता है, वही कार्य हम जिम्मी या प्रोब से सही बिन्दु पर दबाव डाल कर करते हैं तो हमें बहुत आराम मिलता है। एक्यूप्रेषर से लकवा, बवासीर महिलाओं की बीमारियां, जोड़ों का दर्द, थाइराइड, रक्तचाप, सुगर जैसी असाध्य बीमारियों का इलाज उपलब्ध है। इस अवसर पर कुछ लोगों ने एक्यूप्रेषर चिकित्सा से मिले लाभ की जानकारी सभी से साझा की। इस अवसर पर विनोद कुमार श्रीवास्तव, महेषचन्द्र उपाध्याय, अर्चना पाण्डेय, सुषील कुमार पाण्डेय, डा. आनन्द सिन्हा, ओ.पी. श्रीवास्तव, दीपा षुक्ला, अनुराधा बाजपरयी, ओम प्रकाष मौर्य, कुसुम मौर्य, माया मौर्य, संजय, आरके पाण्डेय, विष्वनाथ आदि प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।

कर्नाटक के राज्यपाल ने लोकतंत्र का गला घोंटा : ओपी यादव
सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजवादी नेता ओपी यादव ने कर्नाटक में राज्यपाल की भूमिका पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि राज्यपाल महोदय ने संविधान की सारी मर्यादा को तार-तार करते हुए लोकतंत्र का गला घोट दिया। राज्यपाल सरकार गठन के लिए किसे मुख्यमंत्री की शपथ हेतु बुलायेगा, यह राज्यपाल के विवेक पर है, लेकिन विवेक का अर्थ यह कतई नहीं है कि राज्यपाल किसी सड़क चलते व्यक्ति को बुलाकर उसे किसी राज्य की मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायेगा। मुख्यमन्त्री को अपने विवेक का प्रयोग सम्बन्धित राज्य के लिए स्थायी सरकार देने वाले व्यक्ति जो विधान सभा के सदस्यों के बहुमत से नुमाइन्दगी करता हो उसे शपथ ग्रहण हेतु बुलायेगा।

जब किसी राज्य के किसी राजनैतिक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है और दो या इससे अधिक दल मिलकर बहुमत का स्पष्ट दावा सरकार बनाने के लिए परश करते हैं तो राज्यपाल को उसे सरकार बनाने के लिए आमन्त्रित करना चाहिए, लेकिन जब कोई दल स्पष्ट बहुमत न प्राप्त किए हो और कोई दल दूसरे दल को समर्थन देने को तैयार न हो। एैसी स्थिति में राज्य के सबसे बड़े दल द्वारा सरकार बनाने का दावा परश करने पर उसे सरकार बनाने हेतु राज्यपाल आमन्त्रित कर सकता है साथ में बहुमत साबित करने हेतु निर्धारित समय भी दे सकता है।

देश की भाजपा सरकार के अन्तर्गत राज्यपाल कठपुतली बनकर रह गये है। 2002 में समाजवादी पार्टी को सबसे बड़ा दल होने के बावजूद सरकार बनाने हेतु आमन्त्रित नहीं किया गया, बसपा व भाजपा के गठजोड़ की सरकार बनवा दी। गोवा, त्रिपुरा और मिजोरम में सबसे बड़े दल को मौका नहीं दिया गया। बिहार में राजद को सबसे बड़ा दल होने के बावजूद सरकार बनाने हेतु मौका नहीं दिया गया। गोवा, त्रिपुरा और मिजोरम में कई दल मिलकर अपनी संख्या बल से राज्यपाल को अवगत कराया तो सम्बन्धित राज्यपालों ने उन्हें सरकार बनाने हेतु आमन्त्रित किया, लेकिन कर्नाटक में कांग्रेस व जेडीएस के गठबन्धन को पूर्ण बहुमत के साथ दावा परश करने के बावजूद सरकार बनाने हेतु आमन्त्रित नहीं किया गया। भाजपा को सरकार बनाने हेतु आमन्त्रित कर लिया गया, इससे तोड़-फोड़ को बढ़ावा मिलेगा, सरकार अस्थिर रहेगी।

कर्नाटक के मामले में मान्नीय सर्वोच्च न्यायालय का रवैया भी ढुलमुल रहा। गोवा में अपने फैसले पर ही सर्वोच्च न्यायालय कायम नहीं रही, इससे स्पष्ट हो रहा है कि पिछले दिनां मान्नीय सर्वोच्च न्यायालय के चार सीनियर जजों ने प्रेस कांफ्रेस कर जो कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय की गतिविधियों से देश का लोकतंत्र खतरे में है, वह सच था। यदि सरकार के पक्ष में निर्णय होते रहे तो वास्तव में लोकतंत्र खतरे में हो जायेगा।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद डा. मुरली मनोहर जोशी ने न्याय पालिका पर जो टिप्पणी की थी कि पहले न्याय होता था, फिर निर्णय होने लगे और अब निर्णय प्राप्त किये जाने लगे। यह टिप्पणी सच साबित हो रही है। अवकाश प्राप्त करने के बाद किसी अच्छे पद पर बैठने की लालसा में जजों के निर्णय प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि सता के पक्ष में फैसला देने वाले जजों को अवकाश प्राप्त होने के बाद अच्छे-अच्छे पदों पर सुशोभित किया गया है। श्री यादव ने मोदी सरकार को अहंकारी सरकार बताया और कहा कि अहंकार रावण का नहीं रहा, हिटलर का नहीं रहा, मोदी का भी नहीं रहेगा|

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