लोकार्पण के बाद से ही बंद पड़ा है तहसील स्थित पॉवर हाउस, बड़े स्तर पर हो रहा फर्जीवाड़ा….

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लालगंज-रायबरेली : तहसील के सामने बना पावर हाउस जनता के लिये सफेद हाथी साबित हो रहा है। करोड़ों की लागत से बना पावर हाउस लोकार्पण के बाद भी अधिकारियों की लापरवाही के चलते बन्द पड़ा है। नगर को बिजली सप्लाई पुराने पावर हाउस से ही की जा रही है। जबकि तहसील लालगंज के सामने बने 33 केवी के पावर हाउस को चलाने के लिये प्रदेश सरकार फ्रेंचाइजी को कर्मचारियों के नाम पर हजारों रुपए भुगतान भी कर रही हैै लेकिन नगर की जनता को तहसील के सामने स्थित पावर हाउस से बिजली उपलब्ध नहीं हो रही है। बीती 29 अक्टूबर को तहसील स्थित पावर हाउस के लोकार्पण के समय जन प्रतिनिधियों व बिजली विभाग के अधीक्षण अभियन्ता पंकज श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियन्ता विवेक खन्ना आदि ने बड़ी डींगे हांकी थी कि तहसील के सामने बना पावर हाउस नगर को शासन के अनुसार निर्धारित 18 घण्टे बिजली उपलब्ध करायेगा, लेकिन बिजली उपलब्ध कराना तो दूर पावर हाउस को स्वयं ही बिजली नहीं मिल पा रही है। तहसील पावर हाउस स्वयं अंधेरे में है। बताते है कि डलमऊ से तहसील पावर हाउस को खींची गयी बिजली लाइन ब्रेक डाउन में है, जिसके चलते पावर हाउस पूरी तरह बन्द पडा है। लोकार्पण के समय से महज 36 घण्टे बिजली सप्लाई हुयी है, जबकि भैरमपुर में स्थित पावर हाउस बिजली सप्लाई कर रहा है। वहीं यह भी जानकारी में आया है कि लालगंज के नाम से खुला अधिशाषी अभियन्ता कार्यालय भी काम नहीं कर रहा है। अधिशाषी अभियन्ता पीके सिंह के दर्शन नहीं होते है। ग्रामीण जनता अपने बिजली के विवादों के निपटारे के लिये अधिशाषी अभियन्ता को ढूंढती फिर रही है।

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