जिले में हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया रक्षाबंधन, शुभ समय पर बहनो ने बांधी भाइयों को राखी।

0
70


धनबाद (ब्यूरो) सावन महीने के पूर्णिमा को मनाया जाने वाला त्योहार रक्षाबंधन जिले में धूमधाम से मनाया गया।भाई बहन का पावन त्यौहार रक्षाबंधन सोमवार को शुभ समय में भाइयों को राखी बांधकर मनाया गया। कईयों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी तो कुछ नहीं दिव्यांग बच्चों के हाथों की कलाई बांधकर रक्षा का यह पर्व मनाया।बरवाअड्डा के बड़ाजमुआ न्यू कॉलोनी में चार साल की विंसी प्रीत ने अपने भाई सुमन, डुग्गू ,अंश के कलाई पर राखी बांध कर रक्षाबंधन मनाया।

क्या है रक्षाबंधन का महत्व
धागों से बनी राखी और इसको लेकर मनाया जाने वाला उत्सव पर्व रक्षाबंधन का भारतीय संस्कृति खास महत्व है । कहा जाता है कि यह पर्व राखी के धागों का बंधन नहीं,यह तो हृदय का बंधन है, आत्मा का बंधन है, प्राणों का बंधन है, धागा तो धागा ही है, धागे के रूप में उसका कोई मूल्य नहीं है। परंतु राखी के रूप में बंधवाने के बाद वह धागा, धागा नहीं रहा, एक स्नेह सूत्र बन गया। राखी बांधने के बाद बहन की रक्षा का नैतिक दायित्व भाई पर आ जाता है। रक्षाबंधन के त्यौहार को लेकर यही मान्यता चली आ रही है कि त्यौहार भाई द्वारा बहन की रक्षा का संकल्प लेने का प्रतीक है।वही रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर समाधान संस्था के सदस्यों न एक अनूठा मिसाल को कायम किया 25 वॉलंटियर ने राखी त्यौहार के मिठाई को गरीब बच्चों में बांट दिया महज मिठाई नहीं उन्होंने उन गरीब बच्चों के साथ अपनी खुशियों को बांटा और मिलकर राखी त्यौहार मनाया। वही बहनों ने भी रक्षाबंधन में मिले उपहार को गरीब बच्चों के बीच बांट दिया और उनके चेहरे को मुस्कान दिया। त्योहार का मतलब ही खुशियां बांटना होता है लेकिन आज के इस दौर में यह बात धूमिल हो गई है। संस्था के सदस्यों का यह काम वाकई में सराहनीय है। मौके पर दीपा सिंह ,आपदा प्रवीन, रविंद्र, अविनाश ,बिट्टू, प्रियंक, राजा ,सुमित, विकास और अन्य शामिल थे। वही जिले के वाल्मीकि धर्म समाज के बेटियां व बहनों ने भूली नगर ए ब्लॉक में अपने भाइयों की कलाई में ही राखी नहीं बांधी बल्कि पेड़ों को भी राखी बांधकर पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया। बहनों ने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में कम से कम पांच पेड़ लगाएंगे और उसकी सुरक्षा अपने भाइयों की तरह करेंगे। वही बाल्मीकि समाज के प्रदेश महासचिव गंगा बाल्मीकि ने बताया कि जो पेड़ पिछले साल लगाए गए थे उन्हीं पेड़ों को बहने राखी बांधकर उनकी सेवा का बीड़ा उठा रही हैं।

रिपोर्ट – गणेश कुमार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here