हर्षोल्लास से मनाया गया स्नेह की शक्ति का रक्षाबंधन पर्व

लालगंज/प्रतापगढ़(ब्यूरो)। स्नेह की शक्ति का पर्व रक्षाबंधन धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधी तो स्नेह से सराबोर भाई ने जीवन भर रक्षा करने का संकल्प जताया। सोमवार को रक्षा बन्धन पर्व पर बाजारों में चहल-पहल व राखी-मिठाई की दुकानों पर बहनों की खासी भीड़ नजर आई। पिछले वर्ष की अपेक्षा बाजार में इस बार राखियों की नई-नई आधुनिक डिजाइनें देखने को मिलीं। सुबह से ही लालगंज कस्बा समेत आसपास के बाजारों में दुकानों पर राखी की खरीददारी के लिए महिलाओं, नवयुवतियों की भीड़ दिखाई देने लगी। दुकानों पर स्टोन, बे्रसलेट, विभिन्न देवी-देवताओं सहित एक बार पहनने से खराब न होने वाली चाइना मेड समेत विभिन्न किस्मों की राखियां विक्रय हेतु दिखाई दीं।

राखियों में जगमगाते नग जड़े हुए स्टोन वाली राखियां, छोटा भीम, मोटू-पतलू जैसे कार्टून राखियां भी लोगों की पसंद बनी नजर आईं। भारतीय संस्कृति का यह पर्व जीवन में नव चेतना के प्राण फूंकने का कार्य करता है। यह पर्व दूसरों के हितों को साधने या दूसरों को स्वतन्त्रता प्रदान करने से सम्बन्धित बन्धन न होकर एक ऐसा बन्धन है जो प्रेम, सुरक्षा व रक्षा के संकल्प को प्रकट करता है। पुराणों, धर्म ग्रन्थों, ऐतिहासिक पुस्तकों से इस पर्व की विशालता व मजबूती प्रमाणित होती है। बहन द्वारा भाई की कलाई पर राखी बांधने के साथ ही भावनात्मक स्नेह को इतनी प्रगाढ़ता मिल जाती है कि वह बहन की सुरक्षा व रक्षा के प्रति संकल्पित हो उठता है। भावनात्मक स्नेह की प्रमाणिकता को उजागर करते हुए कस्बा लालगंज में पति के साथ राखी खरीद रही एक नवविवाहिता यह कहते सुनाई पड़ी कि विवाह के बाद पहला रक्षाबंधन है। इसलिए अपने भाई के लिए मंहगी वाली राखी ही खरीदूंगी। सुरक्षा व रक्षा हेतु संकल्पित रहने के बंधन की अनूठी परम्परा स्नेह की शक्ति का पर्व धूमधाम से मनाया गया।

 

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