ध्यान को भटकाने के लिए उठाया गया राम मंदिर का मुद्दा – अतुल कुमार अंजान

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मऊ (ब्यूरो)- साढ़े 4 वर्षों के कार्यकाल बीत जाने के बावजूद भाजपा के हाथ खाली हैं, ऐसे में अपने कुकर्म पर पर्दा डालने के लिए वह जनता का ध्यान भटकाने के लिए देश में उन्मादी माहौल बना कर राम मंदिर का मुद्दा उछाला गया है। जिससे देश में अराजकता का माहौल की स्थिति उत्पन्न हो गई लोग चिंतित हैं। कहा कि संविधान के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह सा लगने लगा है जब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा सीधे-सीधे कोर्ट के न्यायाधीशों पर एक तरफा निर्णय लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उक्त बातें भाकपा राष्ट्रीय महासचिव अतुल कुमार अंजान ने मऊ में प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के हाथ खाली हैं। इसलिए भाजपा द्वारा मंदिर मस्जिद का मुद्दा उठाया गया है।

गत दिनों दिल्ली के विज्ञान भवन में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने स्वीकार किया था कि मंदिर मुद्दा उनका नहीं है लेकिन आज मंदिर के लिए अपने स्वयंसेवकों का आह्वान कर उन्होंने अपना चेहरा उजागर किया है। ठीक हिटलर के नक्शे कदम पर चलता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मंडल कमीशन के सबसे बड़े विरोधी थे, इनके संगठन विद्यार्थी परिषद द्वारा मंडल कमीशन का विरोध करते हुए लगभग 300 छात्र-छात्राओं को आत्मदाह करने को मजबूर किया गया। नोटबंदी से पहले ₹28 से 32 हज़ार करोड़ की भारतीय जनता पार्टी द्वारा खरीद फरोख्त की गई वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के सहकारी बैंक में नोटबंदी के पहले 650 करोड़ रुपये जमा किया गया। जिसका आज तक खुलासा नहीं किया जा सका। बोफ़ोर्स घोटाला से बड़ा राफेल घोटाला हुआ है, जिसमें प्रधानमंत्री की संलिप्तता है।

लेकिन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए मंदिर मुद्दा उठाया गया जो भाजपा का असफल प्रयास साबित होगा। इनके चेहरे को जनता पहचान चुकी है। पत्रकारों द्वारा महागठबंधन में प्रधानमंत्री कौन बनेगा पर उन्होंने कहा कि मौका मिलने दीजिए 24 घंटे में प्रधानमंत्री तय कर देंगे। भाजपा पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि आज देश के अलगाववादी ताकतों के साथ काम कर रही है, स्थिति यह है कि पिछले 3 माह से सभी संवैधानिक संस्थाओं सीबीआई, आरबीआई, इलेक्शन कमिशन, न्यायालय इत्यादि पर सरकार दबाव बनाने का कार्य कर रही है कहीं न कहीं संविधान के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह खड़ा किया जा रहा है।

पीएम मोदी दूसरे ट्रंप बनना चाहते है-
मऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने भाषणों में लगातार गलत तथ्यों को प्रस्तुत किया जाता रहा है। उन्हें सही बातों की जानकारी ना होने के बावजूद गलत वह झूठ बात को बड़ी मजबूती के साथ रखते हैं। यह उन्हें कतई शोभा नहीं देता। कहीं ना कहीं ऐसा लगता है जैसे हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुद्धिहीन समाज के महान संयोजक बने हुए हैं। उक्त बातें भाकपा के राष्ट्रीय महासचिव अतुल कुमार अंजान ने मऊ में प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तक्षशिला को बिहार में बताया जाता है जबकि यह पाकिस्तान में है। वहीं बिहार में भाषण के दौरान कहा गया कि सिकंदर को यहां पराजय मिली जबकि सिकंदर यहां तक पहुंचा ही नहीं था। बाबू जगजीवन राम को आपातकाल का विरोधी बताते हुए विरोध में कांग्रेस छोड़ने की बात कही गई जबकि उस के काफी बाद चुनाव में पराजय के बाद जगजीवन राम ने कांग्रेस पार्टी छोड़ी थी। इसके साथ ही तमाम ऐसे तथ्य जिसकी जानकारी उनको ना होने के बावजूद झूठ का राग अलापते रहते हैं। इतने बड़े पद पर होने के बावजूद इतना अधिक झूठ बोलना इस पद की गरिमा को कम करने का कार्य करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरे ट्रंप बनना चाहते हैं।

अंजान ने पीएम पर बोला हमला-
अतुल अंजान ने पीएम पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि इस आजाद हिंदुस्तान में सबसे निचले पैदान, विघटन व बत्तमीज किस्म का भाषा प्रयोग करने वाला हमारे देश का प्रधानमंत्री है।

रिपोर्ट- ऋषि राय 

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