महागठबंधन पर रामविलास पासवान का तंज कहा, “100 लंगड़े मिलकर भी पहलवान नहीं बन सकते |”

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पटना- हाल ही में समाप्त हुए यूपी चुनाव के बाद जहां एक तरफ बीजेपी की राह 2019 के लिए आसान होती नजर आ रही है वहीं कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों के लिए चिंतन का वक्त आ चुका है | न केवल चिंतन का ही ऐसा समय आ गया है कि कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों को आत्म मंथन की भी आवश्यकता है।

आपको बता दें कि हाल ही में यूपी में विधानसभा चुनाव समाप्त हो गए हैं और यूपी सहित उत्तराखंड, गोवा मणिपुर में भाजपा अधिक प्रभावी ढंग से सामने उभर कर आई है उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा को जहां पूर्ण बहुमत मिला है वहीं गोवा में मनोहर परिकर के नेतृत्व में भाजपा ने सरकार भी बना ली है लगातार भाजपा की हो रही जीत से परेशान विपक्ष ने अब एक बार फिर से महागठबंधन की बात कर रहा है |

100 लंगड़े मिलकर भी एक पहलवान नहीं बन सकते
आपको बताते चले कि महा गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि 100 लंगड़े मिलकर के भी एक पहलवान नहीं बना सकते हैं।

दरअसल आपको बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा का जिस तरह से बहुमत आया है उससे एक बात तो स्पष्ट हो गई है कि प्रधानमंत्री मोदी को टक्कर देने वाला फिलहाल भारतीय राजनीतिक गलियारों में कोई भी दूसरा दिग्गज नेता दूर-दूर तक दिखाई नहीं पड़ रहा है | ऐसे में बिहार बिहार जदयू के नेताओं ने भी अपनी मांग तेज कर दी है, जदयू नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी को टक्कर देने के लिए सिर्फ एक ही नेता सामने है वह नेता नितीश कुमार हैं | अब जदयू नेताओं की इस मांग को वामदलों और राजद का भी समर्थन मिलता हुआ दिखाई पड़ रहा है।

जदयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा है कि जब तक देश के तमाम राजनीतिक दल एक साथ एक ही मंच पर नहीं आ जाते हैं तब तक प्रधानमंत्री मोदी को हरा पाना संभव नहीं होगा | उन्होंने उत्तर प्रदेश चुनाव का जिक्र करते हुए कहा है कि यदि बसपा प्रमुख मायावती उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा के साथ गठबंधन कर लेती तो UP में तस्वीर कुछ और ही होती।

उधर जदयू नेता विनोद कुमार यादव और वशिष्ठ नारायण सिंह ने भी जदयू प्रवक्ता संजय सिंह की हां में हां मिलाते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को सिर्फ और सिर्फ नीतीश कुमार ही टक्कर दे सकते हैं यदि भाजपा को रोकना है तो सभी राजनीतिक दलों को संयुक्त रूप से नितीश कुमार का 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के प्रधानमंत्री पद के तौर पर समर्थन करना होगा इसके अलावा किसी भी राजनीतिक दल के पास कोई भी अन्य विकल्प नहीं है |

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