रंजय मेरा करीबी नहीं था बल्कि मेरे बेटे जैसा था

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धनबाद -29 जनवरी की शाम धनबाद के सरायढेला में हुई दिनदहाड़े हत्या के चौथे दिन (आज) झरिया विधायक संजीव सिंह ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ ही दी। चुप्पी तोड़ते ही उन्होंने अपनी डबडबाई आँखों और रुन्धले स्वर में चीखते हुवे कहा, मृत रंजय मेरा करीबी नहीं था, बल्कि रंजय मेरा बेटा था । शायद मेरा बेटा भी भविष्य में उतना इज्जत न दे जितना रंजय एक पराया होकर मुझे दिया करता था । झरिया विधयाक हत्या के बाद आज पहली बार मिडिया से मुखातिब हो रहे थे।

उन्होंने कहा की लगभग डेढ़ महीने पूर्व ही मैंने इस तरह की घटना की आशंका जताते हुए केंद्र के गृह मंत्री राजनाथ सिंह को लिखित रूप में आगाह भी किया था । उसके बावजूद मेरे बेटे की हत्या दिनदहाड़े कर दी गयी । उन्होंने कहा कि वैसे हत्या की साजिश मेरे लिए रची गयी थी, लेकिन मेरी खुद की सुरक्षा इतनी चौकस थी कि विरोधी घबराहट में मेरे अपने की हत्या कर मुझे तोडना चाह रहे हैं, पर मै अभी टूटा नहीं हूँ । मिडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने सरकार पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगर सरकार में रहकर मै अपनों को नहीं बचा सकता तो मुझे ऐसे सरकार में रहना गवारा नहीं । साथ ही उन्होंने कहा कि वैसे भी जब-जब मेंशन सात के साथ आया उसके अपनों की बलि चढ़ा दी गयी, चाहे 2003 में मेरे अग्रज भाई राजिव रंजन हो या अब 2017 में मेरा रंजय । पुलिसिया कार्यवाई पर उन्होंने कुछ भीं कहने से इंकार कर दिया । बस वो अपना दुःख और आक्रोश अपने सरकार जाहिर करते दिखे ।

रिपोर्ट – संजय कुमार

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