गरीबों को मिलने वाला राशन निगल गया तहसील प्रशासन

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चकलवंशी/उन्नाव (ब्यूरो) गांवों में मिलने वाला सरकारी राशन पूर्व सरकार की तरह योगी सरकार में भी राशन माफिया व सप्लाई इंस्पेक्टर की शांठ-गांठ से मई माह का राशन कोटेदार ने बिक्री कर लिया इसकी शिकायत के लिए राशन धारकों ने उपजिलाधिकारी के सीओजी नंबर पर सम्पर्क किया परंतु काल नहीं उठाई गई।जांच के नाम पर सप्लाई इंस्पेक्टर उपजिलाधिकारी के नाम से वसूली की जा रही है।

हसनगंज के विकास खंड मियांगंज क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पनापुर कला में सरकारी राशन की दुकान उमा देवी के नाम से है जिसकी दुकान संख्या-100100200059 है पात्र गृहस्थी कार्डों की संख्या-248 व अंत्योदय 70 के अनुसार हजारों रुपए का राशन बिक्री कर लिया गया ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हमारे यहां कोटेदार तो राशन वितरण करता नहीं है पास के दूसरी गांव के दबंग राशन माफिया के द्वारा वितरण किया जाता है |

यह एक उदाहरण है इसी तरह लगभग पूरे तहसील स्तर पर राशन माफियाओं व सप्लाई इंस्पेक्टर का सरकारी राशन की दुकानों पर कब्जा कयाम है कुछ पीङित कोटेदारों का कहना है कि सप्लाई इंस्पेक्टर भाष्कर का कहना है कि हमें हर महीना चाहिए क्योंकि हमें उपजिलाधिकारी मनीष बंसल को देना पड़ता है आपको राशन वितरण किस तरह करना है आप लोगों को समझना है और बङी जानकारी प्राप्त हुई है सप्लाई इंस्पेक्टर का कहना है कि यदि किसी कारण किसी महीने का पूरा राशन नहीं वितरण करते है उसमें 50% हमें देना पड़ेगा कोई कार्यवाही नहीं होगी और इस शर्त पर कोटेदारों ने बताया कि नाम मत छापना नहीं तो हमारे दुकानों पर कार्यवाही हो जायेगी इस तहसील क्षेत्र के कई दुकानों का मामला चल रहा है |

ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील प्रशासन की वसूली के कारण कोई कार्यवाही नहीं होती है इसी तरह चलता रहा तो हमारे जैसे गरीब पीङितों का भला होने वाला नहीं है इसी तरह मवई बृम्हनान के कोटेदार मौला बक्स की शिकायत तहसील दिवस व जिलाधिकारी अदिति सिंह से की गयी जिसमें 10/06/2017 को ग्राम पंचायत जांच करने नहीं पहुंचे थे पूर्ति निरीक्षक हसनगंज संजीव मिश्र व उपजिलाधिकारी मनीष बंसल ने आख्या जिलाधिकारी को भेज दी गयी उसके बाद अखबारों में खबर प्रकाशित होने कारण दिखावा करने के लिए मवई बृम्हनान गांव जांच करने चार बजे अधिकारी पहुंचे उसके बाद पीङित राशन कार्ड धारकों के बयान भी लिये गये उसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई जिसका जिम्मेदार संबंधित प्रशासन है ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि तहसील स्तर पर कोटेदार व राशन माफिया को बुलाकर एक लाख तीस हजार में सौदेबाजी हो गई इसी लिए कोई कार्यवाही अभी तक नहीं हुई है न होने की उम्मीद है राशन कार्ड धारकों को दर-दर भटकना पड़ रहा है।⁠⁠⁠⁠

रिपोर्ट – जीतेन्द्र गौड़

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