गरीबों को मिलने वाला सरकारी राशन नहीं बांटा गया

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प्रतीकात्मक फोटो

चकलवंशी/उन्नाव ब्यूरो : गरीबों को मिलने वाला सरकारी राशन मई माह का नहीं बांटा गया जिस तरह पूर्व सरकार में लोगों को नहीं मिल रहा था उसी तरह योगी सरकार में भी गरीबों को राशन नहीं दिया जा रहा है जनपद के आलाधिकारी खुलेआम मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे है इसी तरह पूर्व सरकार की तरह अधिकारियों व राशन माफियाओं तथा कोटेदार की मिलीभगत से प्रति महीना हजारों रुपये का राशन बिक्री करके बंदर-बांट किया जा रहा है जिससे आने वाले लोक सभा चुनाव में भारती जनता पार्ट्री क्या गुल खिलाएगी यह आने वाला समय ही बताएगा तहसील दिवस में राशन कार्ड धारकों को राशन न मिलने व राशन मूल्य से अधिक मिलने के कारण ग्रामीणों ने लिखित शिकायत भी करते हैं, परन्तु अधिकारी नजरअंदाज कर देते हैं  ग्रामीणों ने कहा कि इस संबंधित उच्चाधिकारियों द्वारा जांच करवाकर कार्यवाही होनी चाहिए।

तहसील हसनगंज विकास खंड मियांगंज क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पनापुर कला की सरकारी राशन की दुकान उमा देवी के नाम से है जिसकी दुकान संख्या-100100200059 है पात्र गृहस्थी कार्डों की संख्या – 248 व अंत्योदय 70 कार्ड धारकों में 2450 किलो ग्राम राशन है 931 यूनिट के हिसाब से 4655 किलो ग्राम हुआ कुल राशन में चावल व गेहूं 7120 किलो ग्राम सरकार द्वारा दिया जाता है जिससे गरीबों के परिवार का पालन पोषण हो सके।ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार तीन महीनों से राशन नहीं वितरित किया गया है जबकि केवल मई माह कुल सरकारी राशन 7105 किलोग्राम आता है कोटेदार व राशन माफिया तथा सप्लाई इंस्पेक्टर की मिलीभगत द्वारा बिक्री कर लिया गया जब पात्र ग्रामीण राशन लेने जाते हैं तो उन्हें भगा दिया जाता है और कहते है कि राशन नहीं बचा है यदि ग्रामीण राशन धारक शिकायत की बात कहते है तो कोटेदार की तरफ से जवाब मिलता है आप लोग हमारा कुछ नहीं कर पाओगे क्योंकि हम हर महीना सप्लाई इंस्पेक्टर भाष्कर व नेताओं को देते है जहां शिकायत करनी है करो जाकर हमारा कुछ नहीं कर पाओगे ग्रामीणों ने कहा कि जब हम लोगों ने सप्लाई इंस्पेक्टर भास्कर से बात की तो उन्होंने कहा कि हम नहीं लेते है हमें ऊपर अधिकारियों को समझना पड़ता है |

ग्रामीणों ने कहा जांच कराकर कार्यवाही की मांग की है।गांव में गरीब कार्ड धारकों को राशन नहीं दिया जा रहा है यदि दिया जाता है तो एक महीने का राशन नहीं वितरण किया जाता है दूसरे महीने में वितरण किया जाता है गांवों में अंत्योदय राशन कार्ड पर गेहूं व चावल 35 किलो निर्धारित है लेकिन 30 किलो वितरण किया जाता है जिसमें भी घटतौली बङे पैमाने पर की जा रही है सरकार द्वारा सरकारी राशन का दाम निश्चित किया गया उसके बाद भी गेहूं व चावल 6 रूपये में दिया जा रहा है केरोसिन का तेल अंत्योदय कार्ड पर 4 लीटर निर्धारित है और पात्र गृहस्थी में पात्रों को यूनिट के हिसाब से न देकर अपने नियम के आधार पर जिसको जितना चाहा उतना दे दिया लेकिन किसी को एक लीटर व दो लीटर से ज्यादा नहीं दिया जाता है वह भी घटतौली में कम दिया जाता है और 22 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से वितरण किया जा रहा है इस प्रकार कोटेदार बहुत बड़ी धांधली कर रहा है इस प्रकार ग्राम पंचायत की जनता बहुत परेशान हैं।

कोटेदार से कुछ कहने पर वह दबंगई से पेश आता है और कहता है कि अगर कुछ बचायेंगे नहीं तो ऊपर के अधिकारियों व नेताओं को क्या खिलायेंगे सरकार को भी अपनी धांधली में बदनाम कर रहा है तथा अधिकारियों पर भी छींटाकशी कर रहा है इस प्रकार प्रार्थीगण कोटेदार की कार्यशैली व धांधली से क्षुब्ध होकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है जिलाधिकारी महोदया जी से जांच एवं आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु मांग की है ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जब कोटेदार के पास राशन लेने जाते है तो पीङितों को राशन कम दिया जाता है जिसका विरोध करने पर राशन भी नहीं देते है और दुकान से भगा देते हैं कि तुम हमारा कुछ नहीं कर पाओगे क्योंकि हम हर महीने में सप्लाई इंस्पेक्टर भाष्कर  व नेताओं को देते है ग्रामीणों के इस संबंध में अपनी बात उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने के लिए इकट्ठा हुए ओर अधिकारियों से जांच कराकर कोटेदार पनापुर कला की धांधली के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करके कोटा निरस्त किया जाये और उसके बाद कोटे की नई दुकान का चयन किया जाये।

रिपोर्ट – जीतेंद्र गौड़

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