पढ़ो सुल्तानपुर अभियान के तहत किया गया शिक्षकों को सम्मानित

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सुल्तानपुर(ब्यूरो) -पढ़ो सुल्तानपुर अभियान के अन्तर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षको को प्रशस्ति पत्र देकर जिलाधिकारी द्वारा सम्मान किया गया लेकिन कई कर्मठशील शिक्षक प्रशस्ति पत्र पाने से वंचित भी रहे शिक्षा अधिकारियो ने अपने चहेते शिक्षको को सम्मान दिलाने में लगे रहे।

आज दिनांक 21 अप्रैल 2017 को पंडित राम नरेश सभागार में पढ़ो सुल्तानपुर का वार्षिक संगोष्ठी का आयोजन जिलाधिकारी एस.राजलिंगम की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। पढ़ो सुल्तानपुर के अंतर्गत कार्यक्रम का प्रारम्भ 2 मई 2016 को जिलाधिकारी महोदय ने सुल्तानपुर की बेसिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए लखनऊ की संस्था प्रथम संस्था के माध्यम से सुल्तानपुर अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलो को चयनित करके शुरू किया था । इस कार्यक्रम की सफलता इस वर्ष प्रदेश में सुल्तानपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर जनपद को गौरान्वित किया। जिसमे पढ़ो सुल्तानपुर के अंतर्गत 105 लोगो प्रशस्ति पत्र दिया गया| जिसमें से 45 शिक्षको को पढ़ो सुल्तानपुर के अंतर्गत व 45 विद्यालय के भौतिक एवं शैक्षिक वातावरण को उत्कृष्ट बनाने हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया तथा 15 खण्ड शिक्षा अधिकारियो को भी कुशल सहयोग हेतु प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर शिक्षिका शिक्षा मिश्रा प्राथमिक विदयालय जुड़ारा और दिनेश मिश्र प्राथमिक विद्यालय हरियामऊ लम्भुआ ने कार्यक्रम को कैसे चलाया अपना अनुभव शेयर किया। मौके पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कौस्तुभ कुमार सिंह ने कक्षा 3-5 बच्चे इस कार्यक्रम में सम्मिलत किया गया था| जिलाधिकारी महोदय की प्रेरणा से आप सभी गुरुजनो की परिश्रम का फल है जो पढ़ो सुल्तानपुर को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ| आप सभी शिक्षको को कोटि -कोटि धन्यवाद देता हूँ| हम चाहते है कि सुल्तानपुर पुरे भारत में नंबर वन आए उसके लिए हमे सकारत्मक रूप से 98% प्रतिशत शिक्षको को लेकर गुणवत्ता के सुधार में जुट जाना है| बचे हुए 2% प्रतिशत लापरवाह शिक्षक स्वतः समाप्त हो जायेगे या सुधर जायेगे।

जिलाधिकारी एस .राजलिंगम ने संबोधित करते हुए कहा सरकारी और निजी स्कूलो में जो समस्या का कारण है। प्राइवेट स्कूलो में माता-पिता का भी साक्षात्कार लिया जाता है। बच्चों को भी प्रवेश परीक्षा देकर योग्यता सिद्ध करना पड़ता है। हम अध्यापको की ही कमी नही मानते इसलिये जब मै औरया जनपद में था तो वहाँ प्रथम संस्था के साथ कार्य किया जिसमे शैक्षिक स्तर में सुधार आया था| सुलतानपुर के शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्रथम संस्था को शिक्षा की व्यवस्था में कुछ बदलाव लाने की जरूरत है| शैक्षिक पद्धति ऐसी होनी चाहिये जिससे बच्चों को सीखने में सहायक हो। सुल्तानपुर में दूर दूर के ब्लॉकों से बेहतर उम्मीद नही थी हमे परंतु अखण्डनगर , करौंदिकला जैसे दूरस्थ ब्लॉकों ने अच्छा प्रदर्शन किया नजदीक ब्लॉकों अपेक्षा।

पवन अग्रवाल ज्वाइन मजिस्ट्रेट ने कहा की क्या कारण है की हमारी शिक्षा का स्तर कम हुआ है। पढ़ो सुल्तानपुर कार्यक्रम से कुछ सम्भले है डैमेज अधिक है आप शिक्षा की आत्मा है| अभिभावको को विस्वाश दिलाये की प्राथमिक शिक्षा निजी स्कूलो से अच्छी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देगे ।।इस मौक जिला सूचना अधिकारी आर बी सिंह, डाइट प्राचार्य महेंद्र कनौजिया समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रथम संस्था के जिला समन्यवक अनुराग, dc अब्दुल कादिर, प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय, जिला प्रवक्ता निज़ाम खान, मंत्री हृषिकेश भानु सिंह, प्रशांत पाण्डेय, बृजेश सिंह, मृत्युंजय सिंह, अनिल यादव सुनील सिंह abrc, राज कुमार त्रिपाठी abrc कार्यक्रम संचालन सत्यदेव पाण्डेय ने किया।।

रिपोर्ट- संतोष कुमार यादव

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