सप्लाई इंस्पेक्टर द्वारा कोटेदारों से हर महीना वसूली

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चकलवंशी/उन्नाव(ब्यूरो)- क्षेत्रों के ग्रामीणों में चर्चा का विषय बना हुआ है| तहसील प्रशासन के सप्लाई इंस्पेक्टर द्वारा कोटेदारों से हर महीना वसूली की जा रही है इसलिए कोटेदारों की लिखित शिकायत के बाद भी जांच नहीं की जा रही| जांच के नाम पर कोटेदार व राशन माफियाओं को तहसील आफिस बुला लिया जाता है, वहीं से जांच के नाम पर एसडीएम व जनपद के अधिकारियों के नाम पर वसूली की जा रही है| राशन माफियाओं व सप्लाई इंस्पेक्टर ने कोटेदारों का सरकारी गेहूं खरीद कर गेहूं क्रय केंद्रों पर बिक्री कर दिया गया। हसनगंज के विकास खंड मियांगंज क्षेत्र के अंतर्गत 74 ग्राम पंचायतों के कोटेदारों से राशन माफियाओं व सप्लाई इंस्पेक्टर भाष्कर द्वारा कम दामों में सरकारी गेहूं ताजपुर सोसाइटी क्रय केंद्र पर तीन महीने का बिक्री कर दिया गया|

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ ग्रामीणों के संबंधित कागजों को लेकर उनके खातों में रूपये भेजने के लिए कहा गया है| किस तरह योगी सरकार इन राशन माफियाओं व अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में नाकाम नजर आ रही है, यह प्रमाण देखने को मिल रहा है| जिस प्रकार राशन कार्ड धारकों ने तहसील दिवस में व जिलाधिकारी को दो-दो बार लिखित शिकायत की गई| उसके बाद पीङितों को दर-दर भटकना पड़ रहा है ग्रामीणों ने कहा कि जिसका जिम्मेदार जनपद के आलाधिकारी है| पीङितों द्वारा दिनांक-06/06/2017 को तहसील दिवस में कई ग्राम पंचायतों से राशन संबंधित लिखित शिकायत हुई, जिसमें जिलाधिकारी अदिति सिंह, सीडीओ संजीव कुमार, पुलिस अधीक्षका नेहा पांडेय व तहसील क्षेत्र के आलाधिकारी मौजूदगी में दी गयी| दिवस के दो सप्ताह बीत जाने के बाद कोई जांच न कार्यवाही हुई जबकि जिलाधिकारी ने आदेशित किया कि 10 दिन में निस्तारण होने वाली शिकायतों का निस्तारण हो जाना चाहिए| उसके बाद भी नहीं हुई बङी बात यह है कि पीड़ितों ने दिनांक-31/05/2017 में जिलाधिकारी से राशन संबंधित लिखित शिकायत की गयी, उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई|

पीङितों ने आरोप लगाया कि जनपद के आलाधिकारी भष्टाचार में लिप्त है इसीलिए कोई जांच न तो कार्यवाही की जा रही है| ब्लाक स्तर पर गेहूं क्रय केंद्रों का काला कारनामा उजागर हुआ है| व्यापारियों व राशन माफियाओं द्वारा किसानों व कोटेदारों का गेहूं कम दामों में खरीद कर खरीद कर बिक्री किया गया, उसके बाद किसानों से संबंधित कागजात मांग कर उनके खातों में रूपया भेजा गया| किसानों का 13 से 14 रूपये तक व कोटेदारों का दस रूपये में खरीदा गया| सोसाइटी ताजपुर सचिव राजेश सिंह व व्यापारियों तथा राशन माफियाओं की शांठ-गांठ से किया गया है| ग्रामीणों व किसानों ने नाम छापने के लिए मना किया, इस बात पर उन लोगों ने जानकारी दी किसानों व ग्रामीणों ने कहा कि इस सोसाइटी की जांच होनी चाहिए, खुलासा सामने आ जायेगा| सचिव का कमीशन 50 से 60% तक व्यापारियों से मांगा गया| कुछ दिन पहले एक व्यापारी से कमीशन को लेकर कहासुनी भी हुई थी| किसानों को इतने नियम बताए दिये जाते हैं इसलिए मजबूर होकर व्यापारियों को गेहूं औने-पौने दामों में बेचना पड़ा है। संबंधित शिकायतों को लेकर पीङितों ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी से जांच कराकर कार्यवाही की मांग की है।

रिपोर्ट- जितेन्द्र गौड़ 

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