तीस अपात्रों से होगी रिकवरी, तीन सेक्रेटरी हुए निलम्बित

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भदोही  (ब्यूरो)  मुख्य विकास अधिकारी हरिशकर सिंह की सख्ती का नतीजा है कि शासन के भेजे गये धन का अपात्रो से रिकबरी किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओ के शिकायतो को प्रमुखता से संज्ञान में लेते हुए करवाते है। जांच में गबबडी मिलने पर सख्ती से कार्रवाई भी करने का काम कर रहे है।

प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार समाप्त होने का नाम नही ले रहा है। जब भी उक्त आवास योजना के लाभार्थियो की जाच हो रही है तब तब अनियमितता सामने खुलकर आ रही है। देखा जाय तो सुरियावा विकास खण्ड के डगहर गांव सभा में जाच के दौरान चार अपात्र उक्त आवास के पाये गये, जबकि अभोली विकास खण्ड के गडौरा गांव में १८ पात्रो का नाम सामने आया है इसके साथ ही सुरियावा विकास खण्ड के बहुता चकडाही गांव में भी ८ अपात्रो के नाम का खुलासा हुआ है। चयन किये गये सभी अपात्रो के खाते में प्रथम किस्त के रूप मे ४० हजार रूपये भेज दिये गये है। पाये गये सभी अपात्रो से धन की रिकबरी की जायेगी और डगहर ग्राम के सचिव संतोष सिंह, गडौरा के सेके्रटरी संजय दूबे तथा बहुता चकडाही के सेके्रटरी ओमकाजी को निलम्बित कर दिया गया है।

शासन जिला प्रशासन स्तर से योजनाओ के लाभ हेतु पात्रों के चयन में पारदर्शिता बरतने के लिए भले ही निर्देश दिये गये हो लेकिन वास्तविकता कुछ और ही होती है। लाभार्थियो के चयन में व्यापक धाधली बरती जा रही है। ग्राम प्रधान अपने चहेते के नाम प्रस्ताव कर देते है चाहे वह भले ही अपात्र हो। इसके साथ ही जिला प्रशासन भले ही सेक्रेटरी के रूप में सिपाही तैनात कर पात्रो का चयन करने का निर्देश दिया हो। लेकिन जिला प्रशासन का सिपाही भी प्रधान के ही आंखो से देखने को मजबूर हो जाता है। जो प्रस्ताव ग्राम प्रधान सेक्रेटरी को देता है उस पर वह मुहर लगाकर आगे बढा देता है। ज्ञात हो कि प्रधानमत्री आवास योजना के लाभार्थियो के चयन में भ्रष्टाचार खुलकर सामने आ रहे है। आये दिन शिकायतकर्ताओ के आवेदन पर जांच के दौरान प्रधान व सेक्रेटरी द्वारा बरती गयी अनियमितता सामने आ रही है।

रिपोर्ट – रामकृष्ण पाण्डेय

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