राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित हुए 2392 वाद, अर्थदण्ड के तौर पर47.82 लाख की वसूली

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बलिया (ब्यूरो)- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकारण, नई दिल्ली के निर्देशन में शनिवार को दीवानी न्यायालय के प्रांगण आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2392 वादों को निस्तारित किया गया। जिसमें अर्थ दण्ड सहित बैक व दूरसंचार विभाग द्वारा कुल सैतालिस लाख बेयासी हजार दो सौ पन्चानबे रूपये वसूले गये । अध्यक्षता प्रभारी जनपद न्यायाधीश विनोद कुमार सिंह तृतीय ने की। राष्ट्रीय लोक अदालत में फौजादारी, मोटर क्लेम, सिविल, विद्युत, वैवाहिक के 559 वादों का निस्तारण किया गया । इसमें 49990 रूपये अर्थदण्ड लगाया गया । सबसे ज्यादा राजस्व विभाग के 1606 वाद निपटाये गये। बैंक द्वारा प्री लिटिगेशन की 206 वादों को निस्तारित किया गया इसमें सबसे अधिक 46, 22,849 रूपये क वसूली की गयी। दूरसंचार विभाग द्वारा 19 वादों को निपटाया गया, जिसमें 1,09,456 रूपये वसूले गये। निस्तारित किये गये वादों में अनुसूचित जाति के पुरूष- 482 महिलाएं-192 बच्चे-112, पिछड़ी जाति पुरूष- 808 महिलाए- 274 बच्चे– 173 अल्पसंख्यक पुरूष 88 सामान्य वर्ग पुरूष 205 अन्य वर्ग में 58 लाभान्वित हुए ।

विनोद कुमार सिंह तृतीय प्रभारी जनपद न्यायाधीष/अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट सं0-1, नरेन्द्र सिंह अपर जनपद न्यायाधीश, कोर्ट सं0-2, चन्द्रभानू सिंह अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट सं0-3, वी0के0लाल विशेष/अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट सं0 4, दयाराम अपर जिला जज कोट सं0 5, श्रीमती मनोरमा अपर जिला जज कोर्ट सं0-6, श्रीमती जया पाठक अपर जिला जज/एफ0टी0सी0 प्रथम, अमित मालवीय अपर जिला जज/एफ0टी0सी0 द्वितीय, प्रान विजय सिंह अपर जिला जज/एफ0टी0सी0 तृतीय, आलोक परासर परिवार न्यायाधीश, मु0 आजाद सीजेएम, राकेश कुमार सिविज जज (सी0डी0), रमेश कुशवाहा एसीजेएम प्रथम, अमित कुमार न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम, अनुज ठाकुर सिविल जज (जू0डि0) पष्चिम, मृत्युंजय कुमार न्यायिक मजिट्रेट द्वितीय, विमलेष सरोज सिविल जज जू0डि0 एफटीसी ने अपने-अपने न्यायालयों में वादों को निस्तारित किये ।

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