धर्म नगरी डोंगरगढ़ में समस्याओं का अंबार, लोगों की परेशनी बढ़ी

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छत्तीसगढ़(ब्यूरो)
– डोंगरगढ़,छत्तीसगढ़ का एक मात्र बस स्टैंड शासन प्रशासन की उदासीनता के चलते खंडर में तब्दील होता जा रहा है। जिसके चलते यहा असमाजिक तत्वों का डेरा लगा रहता है जगह जगह गंदगी होने के कारण यात्री बस का इन्तजार बस स्टैंड के बाहर खड़े रह कर करना पसन्द करते है न ही वहाँ यात्रियों के लिए पीने के पानी की सुविधा है और बैठने के लिए कुर्सी तक नही है ।

छत्तीसगढ़ की धर्म नगरी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के विधानसभा जिले के डोंगरगढ़ में विकास उल्टी दिशा में चलने लगा है यहाँ किसी भी क्षेत्र की बात कहे तो विकास आगे बढ़ने की बजाय पीछे की ओर जा रहा है ऐसा ही नजारा सन् 2003 में बने राजकुमार स्व शिवेंद्र बहादुर सिंह प्रतीक्षा बस स्टैंड का है जहाँ प्रतिदिन 35 से 40 बस आस पास के गाँव और शहर से यहाँ आती जाती है रोजाना चलती है जिसमे 1500 से 2000 यात्री यहाँ पहुचते है और वर्ष में दो बार नवरात्री में भव्य मेले का आयोजन होता है जिसमे लाखों यात्री इन दिनों माँ बम्लेश्वरी देवी के दर्शन करने पहुचते है| इसके बावजूद यह बस स्टैंड शासन प्रशासन के अधिकारी जन प्रतिनिधियो की उदासीनता के भेट चढ़ आज जर्जर होता जा रहा है। बस स्टैंड में रेस्टोरेंट, लाज जैसी सुविधाओ से युक्त बनाया गया था पर साफ सफाई व देखरेख नही होने से यहा असमाजिक तत्वों का डेरा लगा रहता है, जिसके कारण बस स्टैंड में यात्री रुकने के बजाय बाहर खड़े रह कर बस का इन्तजार करना पसंद है और जो अंदर आते है उनके लिए यहाँ रुकना यात्रियों के लिए मजबूरी है।

यहाँ सफाई न होने के कारण धूल की मोटी परत जमी रहती है जाले भी लगे हुए हैं| बिजली की पाईप टूट कर झूल रही है जिससे कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है| यहाँ बने टिकट काउंटर में अब गैरेज का सामान और मोटरसायकल रखे जा रहे है| रेस्टोरेंट और लाज में असमाजिक तत्वों ने डेरा जमा लिया है जहाँ शराब की बोतले, डिस्पोजल ग्लास पड़े है| जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता की यहा यात्री बस की प्रतीक्षा करे तो कैसे करे। दीवालों में रंगरोगन तो नही है पर लोगो ने यहा गुटखा खा कर जरूर रंग दिया है। जहा संक्रमण भी खतरा बना हुआ है।

सबसे बड़ी विडंबना की बात यह है की बस स्टैंड शहर से दूर नही है बल्कि शहर के बीचो बीच है जिसके चारो तरफ शासकीय कार्यालय है इसके बावजूद यहाँ का एक मात्र बस स्टैंड का ये हाल है जहाँ असमाजिक तत्वों ने डेरा बना रखा है| इससे अंदाजा लगाया जा सकता है की यहां के अधिकारी अपना कार्य कितनी ईमानदारी से कर रहे है या मात्र वेतन लेने का काम कर रहे है। बस स्टैंड की अव्यवस्था के सम्बंध में नगर पालिका अधिकारी यू एस वर्मा से हमने इस विषय पर बात की तो उन्होंने बस स्टैंड में पूरी सुविधा होने की बात कह ऐसी बस स्टैंड की हालत खराब होने की स्थिति से इंकार करते रहे जिससे ऐसा लगता है की अधिकारी अपने कार्यालय से बाहर ही नही निकलते ।

नगर पालिका परिषद शहर में बने बस स्टैंड का ठीक से रखरखाव नहीं कर पा रही है और हाईटेक बस स्टैंड बनाने की बात कर रही है। नगर पालिका पहले से बने बस स्टैंड का हाल तो सुधार नही पा रहे है और हाईटेक बस स्टैंड बनने से उसकी भी हालत यही होगी जो इस वक्त वर्तमान बस स्टैंड की हालत है। नगर पालिका अधिकारी एक ओर बस स्टैंड में ऐसी स्थिति होने से इंकार करते है तो दूसरी ओर जल्द सफाई करवाने की बात भी कहते है।

बरहाल डोंगरगढ़ में फ़ैल रही अव्यवस्था पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को जल्द ठोस कदम उठाने की जरूरत है। वरना पूरा डोंगरगढ़ विकास कार्य की मात्र कल्पना ही करता रहेगा और जो विकास कार्य हो चुके है वह खण्डहर में तब्दील हो जायेंगे वही जगह जगह नाली नालो में गन्दगी फैली नजर आती है जिसकी सफाई भी ठीक ढंग से नही हो पा रही है साथ ही एक अंडर ब्रिज जो रेलवे पुल के नीचे से अस्थाई बनवाया गया था, शहर को कालका पारा से आपस में जोड़ता है जिसका पैसा पास भी हो चुका है यहाँ पर काम चालू कर दिया गया था, फिर से बंद कर दिया गया है| इसी ब्रिज को लेकर पिछले हप्ते छः को जनता काग्रेस के द्वारा नगर पालिका के सी एम ओ को ज्ञापन भी दिया गया है|

जिसका काम चालू करवाने का आश्वासन नगर पालिका सी एम ओ ने एक हप्ते में चालू करवाने को कहा गया है जिससे आम जनता को बहुत परेशानी हो रही है हाई स्कूल के पास नगर पालिका के द्वारा बनाई गई दुकाने भी आधी अधूरी बना कर छोड़ दी गई है जिसे अब लोग मूत्रालय के रूप में उपयोग कर रहे है ये है डोंगरगढ़ का विकास ।

रिपोर्ट- हरदीप छाबड़ा
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