अपराधियों की सिफारिश करने वाले विधायकों की तैयार की जा रही रिपोर्ट

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उरई(जालौन ब्यूरो)- प्रदेश में गुंडाराज को मुद्दा बनाकर सत्ता तक पहुंचने वाली भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकार की छवि बचाए रखने को लेकर गंभीरता दिखा रही है। पुलिस महकमे के सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पुलिस महकमे के उच्च अधिकारियों से ऐसे विधायकों की रिपोर्ट मांगी गई है जो इन दिनों अपराधियों की सिफारिशें करने में लगे हैं। इसे लेकर पुलिस महकमा माननीयों की रिपोर्ट तैयार करने में लगा है। इस रिपोर्ट के बाद माननीयों का सरकार में कद कम ज्यादा होने की संभावनाएं हैं।

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में फैले गुण्डाराज को चुनावी मुद्दा बनाया था। कहीं अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार का गुण्डाराज मुद्दा न बन जाए इसे लेकर सरकार द्वारा गंभीरता दिखाई जा रही है। पुलिस महकमे के सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के सभी जिलो में पुलिस महकमे के उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे विधायकों की रिपोर्ट तैयार की जाए जो अपराधियों की सिफारिशें करते हैं। इस निर्देश के बाद से महकमा रिपोर्ट तैयार करने में जुटा हुआ है। बताते चलें कि अब तक की परम्परा के अनुसार विधायक बनते ही सत्ता पक्ष के माननीयों द्वारा सिफारिशों का दौर भी शुरू हो जाता है। इस दौर में माननीय अपराधियों की सिफारिशें भी करने से नहीं चूकते। जिसके चलते अपराधियों के हौंसले बुलंद हो जाते हैं और वह फिर से नई उर्जा के साथ अपराध को अंजाम देने लगते हैं। माननीय की छत्रछाया के कारण पुलिस महकमा भी पूरी ताकत के साथ अपराधियों पर लगाम नहीं लगा पाता है और इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पडता है। कारण यह है कि अपराध बढते ही यह राजनीतिक मुददा बनने लगता है और विरोधी पार्टियां इसे भुनाने का प्रयास करती हैं।

पिछली सपा सरकार में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला था। तब सत्तापक्ष के कुछ माननीयों ने अपराधियों को संरक्षण देने में कोई कसर नहीं छोडी। हद तो यहां तक थी कि एक माननीय ने तो अपने गुर्गे भी इसी काम के लिए लगा रखे थे। जिनका काम कोतवाली और थानों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर माननीयों से जुडे लोगों को कार्रवाई से बचाना था। कहीं यही हाल भाजपा सरकार का भी न हो जाए, इसे लेकर प्रदेश सरकार गंभीरता बरत रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस महकमा जिले के विधायकों की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गया है। इस काम में खुफिया विभाग को भी लगाया गया है जो खुफिया जानकारियां जुटाने में लगा है और माननीयों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है।

चर्चा है कि जल्द ही यह रिपोर्ट शासन स्तर तक पहुंच जाएगी। जिसके बाद माननीयों का कद सरकार में नए सिरे से तय हो जाएगा! हालांकि यह रिपोर्ट गोपनीय तरीके से मांगी गई है जिसके चलते पुलिस महकमे के कोई भी अधिकारी इस बात को खुले तौर पर स्वीकार करने से इंकार कर रहे हैं।

शपथ लेने से पहले ही की थी अपराधियों की सिफारिश-

सरकार द्वारा गोपनीय तौर पर रिपोर्ट मांगे जाने की खबर के बाद जिले के एक  माननीय में खलबली मची हुई है। बताते चलें कि विधानसभा चुनाव का परिणाम आते  ही जिले के एक माननीय ने उरई कोतवाली पुलिस द्वारा पकडे गए कुछ वाहन चोरों को अपनी सिफारिश के बूते कार्रवाई से बचा लिया था। तब इस खबर ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। मजे की बात तो यह है कि जब इन माननीय ने सिफारिश की थ्ज्ञी तब वह शपथ भी नहीं ले पाए थे। अब सरकार बने एक माह बीत चुका है और वह धडाधड सिफारिशें करने में लगे हैं। अब देखना यह है कि इन माननीयों को ेकर सूबे के  मुखिया कौन सा रुख अख्तियार करते हैं?

रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव

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