भाजपा पर लग रहे आरक्षण विरोधी आरोप निराधार

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हाजीपुर(वैशाली ब्यूरो)-
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह पूर्व केद्रीय मंत्री डा.जगन्नाथ मिश्र ने कहा कि केंद्रीय मंत्री मंडल द्वारा सामाजिक आर्थिक एवं शैक्षिनिक रुप से पिछडे.वर्गों के लिये आरक्षन को सुनिश्चित कने एवं स्थायित्व बनाये रखने के लिये संविधान और सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों में निरंतरता बनाए रखने के लिये राष्ट्रीय सामाजिक आर्थिक एवं शैक्षिनिक पिछ्ड़ा वर्ग आयोग के गठ्न का संवैधानिक संशोधन करने की फ़ैसले को स्वागत करते हुए कहा की प्रधान मंत्री के इस पहल से भाजपा पर आरक्षण विरोधि होने का जो आरोप लगते आ रहा है वह निराधार साबित हुआ है| पहले बिहार विधान सभा फ़िर उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा को खूब घेरने की चेश्टा की गयी| बिहार में पार्टी को इसका नुकसान भी झेलनी पड़ी लेकिन उत्तर प्रदेश में मतदाताओं ने अपनी समझ को प्रमाणित किया| इस पहल ने तमाम अटकलों को निराधार साबित कर दिया|

डा.मिश्र ने कहा की राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की ओर से आरक्षण संबंधी ब्यान को बिहार में मुद्दा बनाकर उछालने के बाद पिछडे.वर्गों में जो आशंकायें विगत कुछ वर्षों से जडे.बनाने लगी थीं उसे खत्म करने एवं आरक्षण विवाद पर पुर्ण विराम लगाने के उद्देश्य से ही ऐसे संवैधानिक आयोग का गठन किया गया है| उन्होंने कहा कि आरक्षण की इस व्यवस्था से आर्थिक सामाजिक , शैक्षनिक एवं पिछडे.वर्ग के जो लोग मुख्य धारा से अलग हो रहे थे उनहे लाभ मिलेगा|  डा.मिश्र ने कहा की भाजपा आरक्षण के प्रति प्रतिबध्य्ता का यह मिशाल है कि उच्च्तम न्यायालय द्वारा लगाई गयी 50 प्रतिशत की सीमा बकाये आरक्षित पदों पर लागू नही होगा|  पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने तथा उसे संवैधानिक दर्जा देने से यह प्रमाणित होता है की पुर्व में बाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार ने संविधान में संसोधन कर प्रावधान किया था|

रिपोर्ट- नसीम रब्बानी
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