Rethink : इन्टरनेट पर कुछ भी पोस्ट करने से पहले दुबारा सोंचें, साइबर बुल्ल्यिंग से हजारों जाने जा रही है |

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साइबर बुल्लिंग के कारण एक 11 साल की बच्ची की मौत से परेसान होकर तृषा प्रभु ने अपने पास मौजूद संसाधनों से इस बुराई को खत्म करने के प्रयास की ठान ली और एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर Rethink बनाया, rethink एक ऐसा प्रोग्राम है जो संभावित साइबर बदमाशों को उनके द्वारा किये जा रहे कार्य पर दोबारा सोचने के लिए प्रेरित करता है और इस प्रकार यह हजारों बच्चों पर साइबर बुल्लिंग के माध्यम से होने वाले उत्पीड़न को रोक सकता है

इस प्रोग्राम में शब्दों को समझने की क्षमता है, कौर जब कभी भी यह कोई अभद्र शब्द पता है, यह उपयोगकर्ता के सामने एक पॉपअप दिखता है “RECONSIDER”

प्रभु ने बताया उसने प्रयोग करके देखा है कोई भी अभद्र शब्द भेजने से तुरंत पहले आने वाले इस पॉपअप की वजह से किशोरों में इसे भेजने को लेकर 93% तक की कमी आई है |

प्रभु अपने इस प्रोग्राम को लेकर अपने स्कूल से वाइट हाउस और teenage science stardom तक ले गयी, वह अपनी प्रशिद्धि को भी लोगों को साइबर बुल्लिंग के बारे में जागरूक करने में लगाती हैं जुलाई के अंत में वह वाशिंगटन डी. सी. में होने वाले Military Child Education Coalition समारोह में इसी विषय पर बने एक पैनल में शामिल हुई |

प्रभु का विज्ञानं एकदम सरल है. किशोर बहुत ही आवेगीहोते हैं और इसी कारण कोई भी चीज भेजने से पहले उसके परिणामों के बारे में नहीं सोचते हैं |

प्रभु कहती है मेरे लिए यह सब उस दिन शुरू हुआ जब मैंने सुना की साइबर बुल्लिंग के कारण एक 11 साल की बच्ची ने अपने मोहल्ले की पानी टंकी से कूदकर जान देदी |

प्रभु कहती है इसे ख़त्म करने के और भी बेहतर तरीके होने चहिये, क्यों साइबर बुल्लिंग को सामाजिक तौर पर अपनाया जा रहा है, क्यों लूग इसे एक आम बात समझकर यूं ही छोड़ देते हैं ?

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