प्रदेश सरकार के कर्जमाफी के फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

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उरई(जालौन ब्यूरो)- मंगलवार को प्रदेश सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग में लिए गए किसानों के कर्जमाफी की घोषणा के बाद इस पर टीका-टिप्पणी का दौर भी शुरू हो गया है। किसी ने इसे सराहा है तो किसी ने इसे किसानों के साथ धोखा बताया। हालांकि इस फैसले से बड़ी संख्या में किसान राहत महसूस कर रहे हैं और उन्होंने सरकार के इस फैसले को सराहा। अब किसानों का पूरा कर्ज माफ  करने की मांग उठ रही है।  प्रदेश सरकार द्वारा लघु व सीमांत किसानों के एक लाख तक के कर्ज माफ  करने के फैसले को लेकर शहर निवासी राहुल महाराज ने कहा कि यह सरकार का सराहनीय कदम है। इससे किसानों को काफी मदद मिलेगी और खुदकुशी की कगार पर खड़ा किसान अब फिर से नई उर्जा के साथ खेती-किसानी पर ध्यान दे सकेगा। यह कर्जमाफी किसानों को संजीवनी देने का काम करेगी।

डा. निरंजन लाल गौतम ने कहा कि सरकार ने चुनाव के वक्त किसानों से कर्ज माफ  करने का वादा किया था। पर यह स्पष्ट नहीं किया था कि किसानों का कितना कर्ज माफ किया जाएगा। यह सब पहले से ही स्पष्ट होना चाहिए था। वहीं माधौगढ़ ब्लाक के कुठौंदा गांव निवासी किसान शिवकांत पाठक का कहना है कि सरकार ने हम लोगों को बड़ी राहत दी है। एक लाख तक का कर्ज माफ  होने से किसानों को काफी राहत मिलेगी। अब जो कर्ज रह गया है उसे किसान फसल करके चुका सकेगा। यह कदम किसानों के हित में उठाया गया सराहनीय कदम है। वहीं सपा नेता देवेंद्र यादव का कहना है कि कजमाफी किसानों के साथ धोखा है। जब सभी किसानों ने भाजपा को वोट दिया तो फिर चुंिनंदा किसानों के ही कर्ज माफ  क्यों किए गए? उन्होंने कहा कि छोटे किसानों ने भी इसी आशा के साथ भाजपा को वोट दिया था कि उनका पूरा कर्जा माफ  हो जाएगा। पर कर्जमाफी के नाम पर केवल एक लाख रुपया किसानों के साथ छलावा है। कई किसानों का तो एक लाख से अधिक ब्याज हो चुका है। उनके लिए यह घोषणा कोई फायदा नहीं पहुंचाने वाली है।

रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव
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