अमेठी जिले में राजस्व कर्मी द्वारा रिपोर्ट आख्या प्रेषित करने में होता है बड़ा खेल

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अमेठी(ब्यूरो)- अमेठी जिले में गृह जनपद और गृह तहसीलों में तैनात राजस्व विभाग के कर्मचारी द्वारा मनमाना कार्य किया जा रहा है और किसानों तथा क्षेत्र की जनता का शोषण जिलेभर में बदस्तूर जारी है| अमेठी जिले की चारों तहसीलों में गृह तहसील और गृह सर्कल में तैनात किए गए राजस्वकर्मी द्वारा क्षेत्र की जनता का शोषण किया जा रहा है| क्षेत्र में तमाम जन शिकायतों के आने के कारण भी स्थानीय प्रभाव में आकर लेखपाल गलत रिपोर्ट लगाकर अपने अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं और पीड़ित इन की कारगुजारी से परेशान हो रहा है|

राजस्व मामलों की शिकायतों के निस्तारण में गृह तहसील या उसके पास तैनात हलका लेखपालों द्वारा क्षेत्र में जाकर रिपोर्ट तैयार नहीं की जाती और उनके द्वारा राजस्व अभिलेखों में फसलों की बुआई व कटाई का अंकन भी सही तरह से अंकित नहीं किया जाता है| इसके पीछे लेखपालों की मंसा यह है कि यह क्षेत्र में जाने की बजाए घर बैठे दलाल किस्म के लोगों से उसकी जानकारी लेकर अपनी आख्या प्रस्तुत करते हैं, जिसके कारण मौके पर सत्यापन न होने से गलत आख्या के कारण व्यक्ति को और परेशानी झेलनी पड़ती है| इस तरह का मामला केवल एक तहसील में ना होकर जिले की सभी तहसीलों में चल रहा है|

अमेठी जिले की चार तहसील अमेठी गौरीगंज मुसाफिरखाना तिलोई में भी गृह तहसीलों में राजस्व कर्मियों की तैनाती की गई है| लेखपालों द्वारा आय प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में दलालों को सुविधा शुल्क न मिलने के कारण लेखपालों द्वारा अधिक आय दर्शाकर रिपोर्ट प्रेषित की जा रही है| ऐसा ही एक मामला मुसाफिरखाना के तहसील के परगना जगदीशपुर के ग्राम दिछौली से जुड़ा हुआ है । ग्राम दिछौली के पूरे नारायण निवासी हीरालाल के दो लड़के अमित कुमार व सुमित कुमार यादव है, इनके द्वारा आय प्रमाण पत्र जारी किए जाने हेतु आवेदन किया गया था| जिस पर हल्का लेखपाल ने सुविधा शुल्क न मिलने के कारण सुमित कुमार को दिनांक 03-07-2017 को ₹30000 वार्षिक आय की रिपोर्ट प्रेषित किया और दूसरे अमित कुमार को 12 दिन के अंदर 36000 रूपये वार्षिक आय होने का रिपोर्ट जारी की।

महज 12 दिन के अंतर पर हीरालाल की वार्षिक आय में ₹6000 का अंतर आया है| मजे की बात यह है कि हीरालाल के परिवार में उसकी पत्नी और उसके दो नाबालिग पुत्रों के अलावा अन्य कोई सदस्य नहीं है। परिवार में कोई अन्य सदस्य कमाने वाला नहीं है फिर भी 12 दिन में हीरालाल की वार्षिक आय में ₹6000 की अचानक वृद्धि हल्का लेखपाल द्वारा कर दी गई है| आरोप यह है कि हल्का लेखपाल दिछौली ग्राम के बगल में के गांव के नारा अढनपुर के बगल के रहने वाले हैं जो दिछौली ग्राम के कुछ चाहते लोगों के कहने पर ही रिपोर्ट दाखिल करते हैं। ऐसे लोगों की रिपोर्ट पर आवेदनकर्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है ।इस तरह के प्रकरण की शिकायत तो बहुत आती रहती है लेकिन ऐसे लोगों के निजी प्रभाव के कारण कार्यवाही के नाम पर ढाक के तीन पात ही रहता है।

रिपोर्ट– हरि प्रसाद यादव

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