छेत्रीय ग्राम्य विकास के सभागार में उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन

0
68

मैनपुरी(ब्यूरो)- जिला अधिकारी यशवंत राव द्वारा मिशन निदेशक विजय किरण आनन्द के पत्र के क्रम में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के बेस लाइन सर्वे की कमियों को दूर करने के लिए गठित टीम के सदस्यों की आज छेत्रीय ग्राम्य विकास के सभागार में उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया ।

कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला परियोजना समन्वयक नीरज शर्मा ने बेस लाइन सर्वे की कमियों को बताते हुए पंचायत सचिवों से कहा कि बेस लाइन सर्वे में गांव की वास्तिवक स्थिति दर्शायी जाए। भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन धनराशि पाने के पात्र लाभार्थी सभी बी पी एलए ए पी एल के एस सी, भूमहीन, लघु सीमांत कृषक, विकलांग और महिला मुखिया के परिवारों को बेस लाइन सर्वे में चिन्हित किया जाए और अगर उन्हें पूर्व में शौचालय का लाभ नहीं मिला है और उनके नाम के आगे यस लिखा है तो संसोधन कर नाम के आगे नो लिख दिया जाए। नौकरी पेशा और बड़े काश्तकार और सम्पन्न परिवारों को ए पी एल अन्य की श्रेणी में रखा जाए। सभी पंचायत सचिव अपनी तैनाती वाली ग्राम पंचायत में टीम बनाकर बेस लाइन सर्वे की प्रिंट कॉपी साथ मे ले जाकर यह देखेंगे कि बेस लाइन में अंकित व्यक्ति अगर उस गांव का निवासी नहीं है या गांव छोड़ गया है तो उसके नाम को लाल कलम से काट देंगे। अगर किसी व्यक्ति के नाम के शौचालय की स्थिति में नो लिखा है और उसने शौचालय अपने साधन से या सरकारी साधन से बना लिया है तो उसके नाम के आगे यस लिखा जाए।

इसी प्रकार अगर नाम के आगे शौचालय की स्थिति में यस लिखा है और उसका शौचालय नहीं बना है तो उसके नाम के आगे नो लिखा जाए। सेन्सस 2011 के अनुसार किसी परिवार के मुखिया का नाम बेस लाइन में दर्ज नहीं है तो उसका नाम दर्ज कर लिया जाए। बेस लाइन में दर्ज सभी डुप्लीकेट एंट्री काट दी जाएं।उन्होंने बताया कि बेस लाइन की मूल कॉपी सर्वे के बाद कार्यालय में जमा की जाएगी। जो प्रारूप नाम जोड़ने के लिए दिया गया है| उसमें वही नाम जोड़े जायें जो वास्तविक पात्र हैं और पूर्व के सर्वे में किसी कारण से उनका नाम दर्ज होने से छूट गया था। एक प्रारूप पर संख्यात्मक विवरण दर्ज किया जाएगा। विकास खण्ड पर बेस लाइन की मूल कॉपी, संख्यात्मक प्रारूप और नाम जोड़ने वाला प्रारूप संकलित किया जाएगा और सहायक विकास अधिकारी पंचायत संकलित रिपोर्ट जिले पर 28 मई को जमा करेंगे। बेस लाइन में अप्रयोग की स्थिति में दर्ज 9414 शौचालयों की वास्तविक स्थिति दर्ज की जाएगी, अगर किसी का शौचालय अभी भी प्रयोग में नहीं है तो लाभार्थी को प्रेरित कर उसका शौचालय सही कराया जाएगा। किसी भी स्थिति में उसका नाम पुनः लाभ के लिए बेस लाइन सर्वे में दर्ज नहीं किया जाएगा। एक परिवार के एक ही व्यक्ति का नाम बेस लाइन में शामिल होगा।

कार्यशाला में सहायक विकास अधिकारी पंचायत नरेश चन्द्र, राजेश दुबे, रामाधीन, प्रेमचन्द्र बाथम, ओमप्रकाश तिवारी. सुरेंद्र सिंह, राम सनेही लाल पंचायत सचिव ओमशरण, देवेंद्र सिंह, अमित सिंह ने भी अपने विचार रखे। कार्यशाला में पंचायत सचिवों और खण्ड प्रेरकों ने भाग लिया।

रिपोर्ट- दीपक शर्मा 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY