रूस ने बमों पर लिखा हमारे लोगों के नाम, पेरिस के नाम और बरसा दिए ISIS के ऊपर

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मॉस्को। रूस ने ISIS के सभी ठिकानों पर अब अपने हवाई हमले और अधिक तेज कर रहा है और इतना ही रसियन एयरफोर्स अब ISIS से अपने हवाई जहाज को गिराने और और उसमें बैठे हुए यात्रियों के मारे जाने का तथा फ़्रांस की राजधानी पेरिस में हुए आतंकी हमले का पूरी तरह से बदला ले रहा है I रसियन एयरफोर्स एक वीडियो सामने आया है जिसमें रूस के जहाज में एक बम लगाया जा रहा है जिसके ऊपर रूस की भाषा में लिखा जा रहा है हमारे लोगों के नाम और पेरिस के नाम I

हवाई जहाज बम से लैस होने के बाद उड़ान भर लेता है और सीरिया के लिए रवाना हो जाता है I जाहिर सी बात है कि रूस और फ़्रांस ने एक साथ अब ISIS को ठिकाने लगाने की कसम खा ली है I

आपको यह भी बता दें कि फ्रांस ने वही अमेरिका के साथ मिलकर भी अपने हमलों को तेज कर दिया है जहाँ वह पहले केवल मिसाइल हमले कर रहा था और बम गिरा रहा था अब वहीँ फ़्रांस ने अमेरिका के अधिकारीयों के साथ सांठ गाँठ करते हुए क्रूज मिसाईलों का प्रयोग भी प्रारंभ कर दिया है I इस बात की पुष्टि भी की जा चुकी है कि फ़्रांस ने सीरिया के रक्का शहर को टारगेट करके क्रूज मिसाइले भी छोड़ी है I

ज्ञात हो कि बीते 31 अक्टूबर को मिस्र के सिनाई में आतंकवादियों ने रूस का एक यात्री विमान गिरा दिया था जिसकी जवाबी कार्रवाई में रूस ने अपने बमों पर ‘हमारे लोगों के नाम’ और ’ पेरिस के नाम’ लिखकर इस्लामिक स्टेट के अड्डों पर बमबारी करना शुरू कर दिया।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक रूस ने सीरिया में सी लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल और लॉन्ग रेंज बॉम्बर्स से अटैक किया है। पेरिस अटैक के बाद फ्रांस ने आईएसआईएस के हेडक्वार्टर्स रक्का में लगातार बम बरसा रहा है। आपको याद दिला दें कि मंगलवार को ही पुतिन ने माना था कि मिस्र में क्रैश हुआ रूसी प्लेन आतंकियों का निशाना बना था।

न्यूज एजेंसी एएफपी की खबर के मुताबिक, फ्रांस ने एक न्यूक्लियर पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर जहाज मेडिटैरियन सागर में भेजने का फैसला किया है। यह इसी हफ्ते सीरिया या लेबनान के नजदीक पहुंच सकता है। इसे आईएसआईएस पर हमले तेज करने के मकसद से भेजा जाएगा। एक दूसरे वक्तव्य में रक्षा मंत्री ने कहा कि उनकी सेना बदले की कार्रवाई के तहत एक हवाई अभियान चला रही हैं, जिसके लिए वह फ्रांस के साथ भी संपर्क में है।

सिनाई में गिराए गए यात्री विमान में 224 लोग मारे गए थे जिसमें ज्यादातर रूसी थे और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस हमले के बाद संकल्प लिया था कि दोषियों को ‘बख्शा’ नहीं जाएगा। इसके बाद पेरिस हमले में 130 लोगों की जान चली गई जिसके बाद पुतिन और फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने सीरिया पर जारी अपनी कार्रवाई में एक दूसरे का साथ देने पर सहमति जताई। यह दोनों नेता अगले हफ्ते क्रेम्लिन में भी मुलाकात करेंगे।

 

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